निलंबित नायब तहसीलदार सविता राठौर के विरूद्ध एफआईआर की मांग, यदि 7 दिनों के भीतर नायब तहसीलदार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज नहीं किया गया, तो मृतक की तेरहवीं के दिन परिवार और समाज के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।
भोपाल। मध्यप्रदेश, रतलाम जिले के आलोट में पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी के सुसाइड मामले ने तूल पकड़ लिया है। बढ़ते विरोध के बीच कलेक्टर ने नायब तहसीलदार सविता राठौर को निलंबित कर दिया, लेकिन परिजन और पटवारी संघ अब भी एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।
रविशंकर की माँ, केसर खराड़ी ने भी आरोप लगाया कि तहसीलदार मैडम उनके बेटे को परेशान करती थीं और किसी काम के बदले किसान से रुपये लेने के लिए दबाव डालती थीं। यहाँ तक कि रविशंकर को उनके छोटे भाई की शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी तक नहीं दी गई और उन्हें उनके क्वार्टर पर बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
मंगलवार रात से ही मृतक के परिजन और पटवारी संघ थाना औद्योगिक क्षेत्र में धरने पर बैठे रहे। बुधवार सुबह परिजनों ने साफ कर दिया कि जब तक नायब तहसीलदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होगी, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में भी परिजन और समाजजन धरने पर बैठ गए। स्थिति को संभालने के लिए अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव और एसडीएम आर्ची हरित मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने परिजनों के बीच जमीन पर बैठकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे।
धरने में सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा, दिनेश माल सहित जयस के कई नेता भी शामिल हो गए। करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवन सिंह भी समर्थन में पहुंचे। निलंबन की कार्रवाई के बावजूद अब सभी नायब तहसीलदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार ने आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार द्वारा नियम विरुद्ध कार्य कराने का दबाव बनाया जा रहा था और मृतक को छुट्टी भी नहीं दी गई। संघ ने इसे आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला बताते हुए हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है। वहीं विधायक कमलेश्वर डोडियार ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इससे पहले मंगलवार रात करीब 11.30 बजे से परिजन और पटवारी थाने पर डटे रहे। उन्होंने मृतक के सुसाइड नोट को मृत्यु पूर्व बयान मानते हुए तत्काल केस दर्ज करने की मांग की। थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने बताया कि मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन शव को पैतृक गांव ले जाएंगे।
अधिकारियों द्वारा जमीन पर बैठकर परिजनों को समझाने और 7 दिन के भीतर निष्पक्ष जांच का आश्वासन देने के बाद, करीब 7 घंटे चला धरना समाप्त हुआ और परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।
चेतावनी और भविष्य की रणनीति विधायक कमलेश्वर डोडियार ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर नायब तहसीलदार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज नहीं किया गया, तो मृतक की तेरहवीं के दिन परिवार और समाज के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।
फिलहाल, पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और कमरे से बरामद सुसाइड नोट की जांच की जा रही है।
