महंगाई : मजदूर दिवस 1 मई से मजदूरों को 5 किग्रा वाला गैस सेलेडर अब 810 में मिलेगा,कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 993 रुपये की बढ़ोतरी।
नई दिल्ली । दुनियाभर में शुक्रवार को मजदूर दिवस मनाया गया। इस बीच, भारत में महंगाई का बड़ा झटका लगा है। खासकार कामगारों के लिए, क्योंकि कमर्शियल सिलेंडर के साथ ही 5 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में भी इजाफा किया गया है। 5 किलो वाला सिलेंडर श्रमिक मजदूर वर्ग, प्रवासियों और घर से बाहर रह रहे स्टूडेंट्स को ध्यान में रखकर बनाया गया था। अब इनपर महंगाई की तगड़ी मार पड़ी है। तेल कंपनियों ने 5 किलो वाले एलपीजी की कीमतों में 261 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. जो एक बड़ी बढ़ोतरी है। इस बढ़ोतरी के साथ ही अब 5 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर 549 रुपये से बढाकर 810 रुपये हो चुका है। यानी श्रमिकों को अब 162 रूपए किलो रसोई गैस मिलेगी। यानी घरेलू गैस से यह तीन गुना महंगी हो गई है। वहीं कमर्शियल एलपीजी के दाम में इजाफा हुआ है। सरकारी तेल कंपनियों ने 1 मई से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 993 रुपये की बढ़ोतरी कर दी हैं।
उधर, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चेतावनी देते हुए कहा कि गैस के बाद अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने लिखा कि पहली स्ट्राइक गैस पर, अगली स्ट्राइक पेट्रोल-डीजल पर। वहीं इस बढ़ोतरी के बाद अब
दिल्ली, मुंबई समेत बाकी शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें 3 हजार रुपये के भी पार पहुंच गई हैं। हालांकि, तेल कंपनियों ने आम लोगों को राहत देते हुए घरेलू (14.2 किलो वाले सिलेंडर) के दाम में कोई इजाफा नहीं किया है। 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 1 कमर्शिलय सिलेंडर की कीमत 3071.50 रुपये हो गई है, जो कि 1 अप्रैल को इसकी कीमत 2078.50 रुपये थी यानी कि एक सिलेंडर के दाम में एक
मई से 993 रुपये का इजाफा हुआ है। इस बढ़ोतरी के बाद देश भर में होटल और रेस्टोरेंट के बिल बढ़ जाएंगे। साथ ही बाकी खाने वाली चीजों के दाम में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा, स्ट्रीट फूड के दाम भी बढ़ सकती है। चाय से लेकर समोसे तक के दाम में इजाफा हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में भी प्रति सिलेंडर 261 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। अब 5 किलो वाला ये सिलेंडर 549 रुपये से बढ़कर 810 रुपये हो चुका है। 5 किलो वाला सिलेंडर कामगारों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण होर्मुज का रास्ता ब्लॉक है, जहां से भारत बड़े स्तर पर गैस और तेल आता था। रास्ता बंद होने से गैस और तेल की सप्लाई में कमी आई है, जिस कारण भारत कई और जगहों से तेल और गैस का आयात बड़ा रहा।