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मंदसौर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत पर हंगामा, युनियन की महिला कर्मियों ने लगाया मानसिक प्रताड़ना का आरोप, 25 लाख का मुआवजा मांगा

Madhya Pardesh/ मंदसौर। गुरूवार को शहर के बालागंज क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत के बाद महिला कर्मियों में आक्रोश फैल गया। शुक्रवार को बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं गांधी चौराहे पर एकत्रित हुईं और प्रदर्शन कर तहसीलदार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बालागंज निवासी किरण वर्मा उम्र 50 वर्ष, वार्ड क्रमांक-16 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-3 में कार्यकर्ता के रूप में पदस्थ थीं। गुरुवार सुबह वे रोज की तरह ड्यूटी पर पहुंची थीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे केंद्र में ही गिर पड़ीं। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया, लेकिन उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है।

घटना के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका एकता यूनियन सीटू मंदसौर के बैनर तले महिला कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। यूनियन ने आरोप लगाया कि सुपरवाइजर के व्यवहार और मानसिक दबाव के कारण किरण वर्मा तनाव में थीं। ज्ञापन में कहा गया कि नई सुपरवाइजर को हाल ही में सेक्टर का प्रभार दिया गया था। उनके व्यवहार से कार्यकर्ताओं में भय का माहौल था। आरोप लगाया गया कि वे लगातार डराने, धमकाने, छुट्टी नहीं देने, निजी कार्य करवाने और नौकरी से निकालने की धमकी देती थीं। यूनियन का दावा है कि घटना वाले दिन भी सुपरवाइजर निरीक्षण के लिए केंद्र पहुंची थीं। इसके बाद किरण वर्मा घबराहट में केंद्र व्यवस्थित करने लगीं और अचानक चक्कर खाकर गिर पड़ीं। महिला कर्मियों ने आरोप लगाया कि सुपरवाइजर उन्हें अस्पताल पहुंचाने के बजाय अन्य केंद्रों के निरीक्षण के लिए चली गईं।

यूनियन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सुपरवाइजर को तत्काल निलंबित कर सेवा समाप्त करने की मांग उठाई गई है। ज्ञापन में मृतक किरण वर्मा के परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग भी की गई। यूनियन ने बताया कि किरण अपने वृद्ध पिता का सहारा थीं और उनकी देखभाल करती थीं। प्रदर्शन के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अन्य समस्याएं भी उठाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है, जबकि केंद्रों का छह माह का किराया भी बकाया है। महिला कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। @C

आरोप निराधार- किरण वर्मा आंगनवाडी कार्यक्रता की मौत के आरोप निराधर है-जिलण् अधिकारी महिला बाल विकास विभाग मंदसौर म.प्र.

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