स्मार्ट मीटर और अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ मंदसौर शहर में फूटा जनाक्रोश, नागरिकों ने रखीं 5 प्रमुख मांगें
मंदसौर। मध्यप्रदेश, मंदसौर शहर में स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाने के बाद बिजली बिलों में आई अप्रत्याशित वृद्धि और लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर आम उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी व्याप्त है। नागरिकों ने विद्युत मंडल प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए तत्काल समाधान की मांग की है।
विद्युत विभाग, बिजली कंपनी के विरोध प्रदर्शन शहर के विभिन्न मार्गों से रैली के रूप में बीपीएल चौराहा स्टेडियम मार्केट स्थित एमपीईबी कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगे रखी, रैली का का नेतृत्व जिला पंचायत सदस्य दीपक गुर्जर ने किया।
इस अवसर पर श्रीमती रूपल संचेती, योगिता बैरागी, सुधा फरक्या, संतोष मोदी, आशा सेठिया, शकुंतला फरक्या, हँसा माली, सावित्रीदेवी, अनुपम त्रिपाठी, आशीष जैन, विनोद सांखला, मनीष राठौर, नितिन भावसार, लक्ष्मी चौहान, अमित छाबड़ा, चंदा बाकलीवाल, हेमलता शक्तावत, शोभा चौहान, वसीम खान, श्याम चौधरी, प्रताप सिंह चंद्रावत, अजय मंडलोई, महेश मोदी, अंकित दुबे, जसबीर छाबड़ा, शैलेंद्र चौधरी, लोकेश मोड़ आदि अनेक शहर के गणमान्य नागरिकगण मौजूद थे।
उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बड़ी संख्या में लोगों के बिजली बिल दोगुने-तीन गुने तक बढ़ गए हैं, जबकि उनकी वास्तविक बिजली खपत में कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ है। साथ ही शहर के कई क्षेत्रों में बिना पूर्व सूचना के बिजली कटौती भी लोगों की परेशानी का कारण बन रही है।
नागरिकों ने विद्युत विभाग के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें स्मार्ट मीटरों की तकनीकी शुद्धता और सटीकता की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक नए स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने की मांग प्रमुख है। इसके अलावा बढ़े हुए बिजली बिलों की पुनः जांच कर त्रुटियों में सुधार करते हुए संशोधित बिल जारी करने की मांग भी की गई है।
ज्ञापन में अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाने तथा किसी भी प्रकार के रखरखाव कार्य के लिए पूर्व सूचना जारी करने की मांग की गई है। नागरिकों का कहना है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिलना उनका अधिकार है।
उपभोक्ताओं ने यह भी मांग की है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती, तब तक बढ़े हुए बिलों के भुगतान में अस्थायी राहत दी जाए और किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाए।
नागरिकों कि और से जिला पंचायत सदस्य दिपकसिंह गुर्जर ने कहा कि बिजली की खपत पहले जैसी ही रहने के बावजूद स्मार्ट मीटर लगने के बाद यूनिटों में अचानक वृद्धि दर्ज हो रही है। इस रहस्यमयी बढ़ोतरी की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच एवं लैब परीक्षण कराए जाने की भी मांग की गई है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि विभाग द्वारा इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तथा अघोषित बिजली कटौती और बढ़े हुए बिलों की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो मंदसौर की आम जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन और प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विद्युत मंडल प्रशासन की होगी।