कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचकर 1999 के कारगिल युद्ध में देश के लिए सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन किया।
नई दिल्ली/द्रास, लद्दाख। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचकर 1999 के कारगिल युद्ध में देश के लिए सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारत अपने वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान को कभी नहीं भूल सकता। कारगिल युद्ध भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध केवल भारत की सैन्य और कूटनीतिक विजय नहीं थी, बल्कि इस युद्ध ने पूरी दुनिया को भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस और पराक्रम से परिचित कराया। कठिन परिस्थितियों में भारतीय जवानों ने जिस वीरता का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि दुश्मन की नापाक साजिशों, प्रॉक्सी वॉर और घुसपैठ की कोशिशों के बावजूद देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और संकल्प पर भरोसा जताते हुए कहा कि देश की ओर बुरी नजर उठाने की किसी में हिम्मत नहीं हो सकती।
रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है। भारत के खिलाफ उठाया गया कोई भी नापाक कदम स्वीकार नहीं किया जाएगा और उसका उचित जवाब दिया जाएगा।
कारगिल विजय दिवस 2026 के अवसर पर देशभर में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। इस वर्ष कारगिल युद्ध की विजय की 27वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 1999 के कारगिल युद्ध में हमारे अनेक वीरों ने सर्वाेच्च बलिदान दिया था। C@NEWS