नई दिल्ली। मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने अपना नामांकन निरस्त किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी इस मामले को कानूनी रूप से चुनौती देगी और उसे अब भी संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास है।
मीनाक्षी नटराजन ने कहा, ष्आज हमारे वकील इस विषय पर अपनी बात रखेंगे। हमारा अभी भी अपनी संवैधानिक संस्थाओं पर कहीं न कहीं विश्वास बरकरार है कि किसी के पास तो अंतरात्मा जागृत है, जो यह सोचेगा कि फैसले संवैधानिक सिद्धांतों के अनुसार किए जाएं।ष्
उन्होंने संकेत दिए कि कांग्रेस इस मुद्दे पर कानूनी और संवैधानिक लड़ाई जारी रखेगी। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद प्रदेश की राजनीति में विवाद गहरा गया है और कांग्रेस लगातार इस कार्रवाई को चुनौती दे रही है।
कांग्रेस पहुंची चुनाव आयोग, अभिषेक मनु सिंघवी ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के मामले में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को नई दिल्ली चुनाव आयोग पहुंचा। आयोग से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने नामांकन निरस्त करने की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए।
सिंघवी ने प्रेस वार्ता में कहा कि नामांकन रद्द करने का आधार यह बताया गया कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने शपथ पत्र में लंबित आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई है। उन्होंने कहा, “विडंबना यह है कि कानून की नजर में ऐसा कोई आपराधिक मामला अस्तित्व में ही नहीं है, जिसे वह अपने नामांकन पत्र में दर्ज कर सकती थीं।”
कांग्रेस का आरोप है कि नामांकन रद्द करने का निर्णय तथ्यों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। पार्टी ने इस मामले में चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है।
गौरतलब है कि 18 जून को मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए मतदान होना है। मंगलवार को रिटर्निंग अधिकारी ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन शपथ पत्र में कथित जानकारी छिपाने के आधार पर निरस्त कर दिया था, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह इस फैसले के खिलाफ कानूनी और संवैधानिक स्तर पर लड़ाई जारी रखेगी।