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राज्यसभा नामांकन विवादः सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, कांग्रेस का चुनाव आयोग और भाजपा पर हमला, दिल्ली जतर मंतर पर प्रदर्शन मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतु पटवारी सहित कई अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया, वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक नौटंकी बताते हुए निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह नियमसम्मत बताया है।

नई दिल्ली/भोपाल। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। वहीं भाजपा ने पूरी प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप बताया है। कांग्रेस पार्टी नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के विरोध में जंतर-मंतर पर सत्याग्रहश् कर रहे मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतु पटवारी सहित कई अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।

सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर तत्काल हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि चुनाव संबंधी विवादों के लिए कानून में उपलब्ध वैधानिक उपाय मौजूद हैं। अदालत के इस रुख को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज कर दी। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए उनका नामांकन रद्द किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सीधे रिट याचिका नहीं सुनी जा सकती।

मीनाक्षी नटराजन बोलीं- कोई जानकारी नहीं छिपाई

दिल्ली में मीडिया से चर्चा करते हुए मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि उन पर फॉर्म-26 में जानकारी छिपाने का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि नामांकन पत्र में केवल लंबित आपराधिक मामलों और दोषसिद्धि से संबंधित जानकारी मांगी जाती है।

उन्होंने कहा, ष्मेरे खिलाफ केवल एक लीगल नोटिस था, जिस पर अदालत ने अभी तक संज्ञान नहीं लिया है। फॉर्म-26 में निजी शिकायत (प्राइवेट कंप्लेंट) की जानकारी देने का कोई प्रावधान नहीं है। यदि ऐसा कोई कॉलम होता तो हम वह जानकारी अवश्य देते। न तो फॉर्म में कोई कमी थी और न ही कोई तथ्य छिपाया गया।ष्

क्या है पूरा मामला?

रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन यह कहते हुए निरस्त कर दिया था कि तेलंगाना से जुड़े एक प्रकरण की जानकारी नामांकन दस्तावेजों में नहीं दी गई। कांग्रेस का दावा है कि संबंधित मामला न तो लंबित आपराधिक प्रकरण था और न ही किसी अदालत ने उस पर संज्ञान लिया था, इसलिए उसका उल्लेख आवश्यक नहीं था।

दिग्विजय सिंह का तीखा हमला

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्यसभा सीट ष्मिली-जुली साजिशष् के तहत छीनी गई है। उनके बयान के बाद राजनीतिक विवाद और गहरा गया है।

उमंग सिंघार ने राष्ट्रपति भवन पर उठाए सवाल

मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कहा कि लोकतंत्र की आवाज़ को अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायकों को राष्ट्रपति से मिलने का समय तक नहीं दिया गया।

जीतू पटवारी हिरासत में

कांग्रेस के श्सत्याग्रहश् प्रदर्शन के दौरान जीतू पटवारी और पुलिस के बीच तीखी बहस देखने को मिली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और पुलिस बस में बैठाकर ले गई। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया।

जीतू पटवारी ने कहा, ष्संविधान बचाने की इस लड़ाई में न खाकी से डरेंगे, न लाठी से। कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।ष्

भाजपा उम्मीदवारों की राह हुई आसान

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत लगभग तय हो गई। बाद में सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए। कांग्रेस इसे लोकतंत्र के खिलाफ कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि पूरी प्रक्रिया कानून और निर्वाचन नियमों के अनुसार हुई है।

राजनीतिक मुद्दा बना विवाद

नामांकन विवाद अब कानूनी दायरे से निकलकर बड़े राजनीतिक मुद्दे का रूप ले चुका है। कांग्रेस इसे लोकतंत्र और संविधान से जुड़ा विषय बताते हुए राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है, जबकि भाजपा विपक्ष के आरोपों को निराधार बता रही है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद यह विवाद और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है।

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मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में दिल्ली में चल रहे कांग्रेस के आंदोलन के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब कांग्रेस विधायक और नेता राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च करने लगे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया और कई कांग्रेस विधायकों को हिरासत में ले लिया।

कांग्रेस का आरोप है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित नियमों के तहत कार्रवाई की गई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसी मुद्दे को लेकर पार्टी राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग करना चाहती थी। वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक नौटंकी बताते हुए निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह नियमसम्मत बताया है।

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