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अप्रैल 2026 से घरेलू उपभोक्ता (150-300 यूनिट मासिक खपत) के बिल में 150-300 रुपये प्रतिमाह और सालाना 3600 रुपये तक की अतिरिक्त राशि जुड़ सकती है।

भोपाल । मध्य प्रदेश के डेढ़ करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को अप्रैल से महंगे बिजली बिल का सामना करना पड़ सकता है। मध्य प्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने राज्य विद्युत नियामक आयोग को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में 10.20 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव सौंपा है।

यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू हो जाएंगी। बिजली कंपनियों का दावा है कि उन्हें पिछले वित्तीय वर्ष में6044 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, जिसकी भरपाई के लिए यह बढ़ोतरी जरूरी है। कंपनियों ने आयोग से इस घाटे को रिकवर करने की अनुमति मांगी है।

पिछले साल बिजली दरों में केवल 3.46 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी की गई थी, जबकि कंपनियों ने तब 7.52 प्रतिशत की मांग की थी। अब प्रस्तावित 10.20 प्रतिशत की वृद्धि उपभोक्ताओं के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। औसत घरेलू उपभोक्ता (150-300 यूनिट मासिक खपत) के बिल में 150-300 रुपये प्रतिमाह और सालाना 3600 रुपये तक की अतिरिक्त राशि जुड़ सकती है। ज्यादा खपत (400 यूनिट+) वाले परिवारों का बिल 400-600 रुपये तक बढ़ सकता है।

जनसुनवाई में जोरदार विरोध मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने फरवरी में तीनों विद्युत वितरण कंपनियों (पूर्व, पश्चिम और मध्य क्षेत्र) के क्षेत्रों में जनसुनवाई की, जहां उपभोक्ताओं और संगठनों ने बिजली महंगी करने का जमकर विरोध किया। लोग सवाल उठा रहे हैं कि कंपनियां अपना घाटा क्यों उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं, जबकि पहले से ही प्रदेश में बिजली दरें पड़ोसी राज्यों से महंगी हैं। नियामक आयोग अब सभी दावे-आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम टैरिफ ऑर्डर जारी करेगा, जो अगले सप्ताह (मार्च के अंत तक) आने की संभावना है। NEWS Copy@EMS

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