ब्रेकिंग
कर्तव्य की राह में सर्वाेच्च बलिदान, वीर पुलिसकर्मियों को शत-शत नमन-CM मंदसौर जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस कार्रवाई; दो महिलाओं सहित छः आरोपी कपड़ाएं, सड़क हादसे में यु... दशहरा पर रावण की पूजा होगी, मंदसौर रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका, दामाद मानकर महिलाएं करती हैं घूं... विजयादशमी पर्व-शस्त्र-पूजन सुरक्षा और स्वतंत्रता के प्रति सम्मान का प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव / प... अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर 5 राउंड फायरिंग वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद, 3 अज्ञात आरोपियों के ख... मंदसौर जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, छह मामलों में शराब जब्त; चाकूबाजी के मामले में... ग्वालियर हादसे में बड़ी कार्रवाईः CSP हटाए गए, 3 थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी निलंबित मंदसौर में अवैध शराब पर शिकंजे की तैयारी, पिछले माह कलेक्टर के दो पत्रों से प्रशासन सक्रिय, 8 आबकारी... मंदसौर जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, पांच थाना क्षेत्रों में 6 प्रकरण दर्ज मंदसौरः मलेरिया के बढ़ते मामलों पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 643 घरों का सर्वे; 28 लोग मिले पॉजिटिव

अप्रैल 2026 से घरेलू उपभोक्ता (150-300 यूनिट मासिक खपत) के बिल में 150-300 रुपये प्रतिमाह और सालाना 3600 रुपये तक की अतिरिक्त राशि जुड़ सकती है।

भोपाल । मध्य प्रदेश के डेढ़ करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को अप्रैल से महंगे बिजली बिल का सामना करना पड़ सकता है। मध्य प्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने राज्य विद्युत नियामक आयोग को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में 10.20 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव सौंपा है।

यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू हो जाएंगी। बिजली कंपनियों का दावा है कि उन्हें पिछले वित्तीय वर्ष में6044 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, जिसकी भरपाई के लिए यह बढ़ोतरी जरूरी है। कंपनियों ने आयोग से इस घाटे को रिकवर करने की अनुमति मांगी है।

पिछले साल बिजली दरों में केवल 3.46 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी की गई थी, जबकि कंपनियों ने तब 7.52 प्रतिशत की मांग की थी। अब प्रस्तावित 10.20 प्रतिशत की वृद्धि उपभोक्ताओं के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। औसत घरेलू उपभोक्ता (150-300 यूनिट मासिक खपत) के बिल में 150-300 रुपये प्रतिमाह और सालाना 3600 रुपये तक की अतिरिक्त राशि जुड़ सकती है। ज्यादा खपत (400 यूनिट+) वाले परिवारों का बिल 400-600 रुपये तक बढ़ सकता है।

जनसुनवाई में जोरदार विरोध मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने फरवरी में तीनों विद्युत वितरण कंपनियों (पूर्व, पश्चिम और मध्य क्षेत्र) के क्षेत्रों में जनसुनवाई की, जहां उपभोक्ताओं और संगठनों ने बिजली महंगी करने का जमकर विरोध किया। लोग सवाल उठा रहे हैं कि कंपनियां अपना घाटा क्यों उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं, जबकि पहले से ही प्रदेश में बिजली दरें पड़ोसी राज्यों से महंगी हैं। नियामक आयोग अब सभी दावे-आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम टैरिफ ऑर्डर जारी करेगा, जो अगले सप्ताह (मार्च के अंत तक) आने की संभावना है। NEWS Copy@EMS

Leave A Reply

Your email address will not be published.