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दलौदा चौपाटी के तत्कालिक सरपंच सचिव द्वारा ट्रेक्टर खरीदी अनियमितता सहित लगभग 63 लाख 63 हजार 600 रू कि फर्जीवाड़ा के मामले मे न्यायालय जिला पंचायत मंदसौर मध्यप्रदेश द्वारा पारित आदेश 28/11/2024 को न्यायालय आयुक्त, उज्जैन, संभाग उज्जैन यथावत रखते हुए पुलिस एफआईआर जैसी आगे की कार्यवाही होना प्रचलित है-Ceo

मंदसौर। ग्राम पंचायत दलौदा चौपाटी के तत्कालिक सरपंच सचिव द्वारा ट्रेक्टर खरीदी अनियमितता सहित लगभग 63 लाख 63 हजार 600 रू कि फर्जीवाड़ा के मामले मे न्यायालय जिला पंचायत मंदसौर मध्यप्रदेश द्वारा पारित आदेश 28/11/2024 को न्यायालय आयुक्त, उज्जैन, संभाग उज्जैन यथावत रखते हुए ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से डिजिटल खाता डिजिटल हस्ताक्षर (DSC) कल बंद हो चुका है। पुलिस एफआईआर जैसी आगे की कार्यवाही होना प्रचलित है।  -धमेन्द्र यादव-मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मंदसौर म.प्र.पाठ का चित्रण हो सकता है

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फटा हुआ टिकट और वह टेक्स्ट जिसमें '10리적, මව प्रकरण कमांक 273/ अपील/ 273/अपील/2024-25 2024-25 -I-.++ 5- उपरोक्त विवेचना के परिप्रेक्य में अपीलार्थी द्वारा प्रस्तुत अपील अस्वीकार की जाती 함 मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मन्दसौार का आदेश दिनांक 28.11.2024 यथावत रखा जाता है| (आसीषसिंह) आशीष सिंह) आयुक्त, उज्जैन संभाग उज्जैन' लिखा है की फ़ोटो हो सकती है

न्यायालय आयुक्त, उज्जैन, संभाग उज्जैन प्रकरण क्रमांक 273/अपील/2024-25 के अनुसार जिला पंचायत का आदेश यथावत रखा गया

न्यायालय के अभिलेख का अवलोकन किया गया अभिलेख का अवलोकन करने पर पाया गया कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मन्दसौर द्वारा अपीलार्थी के विरुद्ध पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर विधिवत कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 04.09.2024 जारी किया गया। अपीलार्थी द्वारा उक्त कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब भी प्रस्तुत किया गया है। अपीलार्थी नियत पेशीयों पर न्यायालय में उपस्थित भी हुए है तथा उनके द्वारा अनावश्यक रुपे पेशी बढ़ाए जाने का बार निवेदन किया गया। उन्हें पर्याप्त अवसर देने पर भी कोई साक्ष्य प्रमाण प्रस्तुत नहीं किये जाने पर अधीनस्थ न्यायालय द्वारा अपीलार्थी के प्रकरण को आदेश हेतु नियत किया गया है।

अधीनस्थ न्यायालय के अभिलेख के संलग्न जांच प्रतिवेदन का अवलोकन किया गया अवलोकन करने पर पाया गया कि जांच अधिकारियों द्वारा अपने प्रतिवेदन में शासकीय योजनाओं विभिन्न गद में कुल राशि रुपये 43,63,600/- (अक्षरी रुपये तिरियालीस लाख त्रेसठ हजार छः सौ) का लेखा नियमों के विपरित भुगतान किया गया है। इस संबंध में अपीलार्थी अथवा उनके अभिभाषक द्वारा ऐसे कोई ठोस आधार या प्रमाण इस न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किये जिससे अपीलार्थी के विरुद्ध लगाए गये आरोपी का खण्डन हो सके। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि अपीलार्थी की ग्राम पंचायत दलौदा चौपाटी के पंच एवं पंच प्रतिनिधि स्वयं के द्वारा अपीलार्थी के विरुद्ध शिकायत दर्ज की जाकर प्रकरण में प्रतिप्रार्थी के रुप में उपस्थित भी हुए है। अपीलार्थी के विरुद्ध ट्रेक्टर ट्रॉली स्वयं के नाम से लोन लेकर क्रय करने के संबंध में भी यह स्पष्ट है कि किसी शासकीय योजना अन्तर्गत क्रय की जाने वाली सामग्री / मशीनरी / वाहन आदि के लिये किसी भी पदाधिकारी द्वारा स्वयं के नाम से ऋण लिये जाने कोई प्रावधान नहीं है। ग्राम पंचायत के सरपंच एक निर्वाचित पदाधिकारी होते है और पंचायत राज अधिनियम के तहत सरपंच का यह दायित्व होता है कि वह ग्राम पंचायत में शासकीय योजनाओं के तहत होने वाले निर्माण कार्य एवं अन्य कार्यों का सूचारु रुप से निर्वहन करे और अपने अधीनस्थ पदाधिकारी एवं कर्मचारियों को भी निस्वार्थ भाव से ग्रामपंचायत के निवासियों को योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ दिलाएँ।

इस प्रकरण में अपीलार्थी द्वारा अपने पद का दुरुपयोग किया जा कर गंभीर वित्तीय अनियमितता की गई है तथा इस आरोप के संबंध में अपीलार्थी अभिभाषक कोई प्रमाण या तर्क प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे है। स्पष्ट है कि ग्राम पंचायत दलौदा चौपाटी जनपद पंचायत मन्दसौर में ग्रामपंचायत के सरपंच सचिव द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गंभीर वित्तीय अनियमितता की गई है। उक्त अनियमितता की जांच पंचायत राज अधिनियम की धारा 89 के तहत की गई। अपीलार्थी को सुनवाई का युक्ति-मुक्का अवसर प्रदान करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मन्दसौर द्वारा आदेश दिनांक 28.11.2024 से अपीलार्थी को सरपंच पद से पदच्युत करने में कोई वैधानिक त्रुटि नहीं की गई है।

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B4 Times Indis द्वारा पुर्व मे 08/09/2025 को प्रकाशित सामाचार यहां पढें…..

मंदसौर। मध्यप्रदेश, जिला मंदसौर की ग्राम पंचायत दलोदा चौपाटी, 14 माह हो गये ट्रेंक्टर खरीदी सहित लाखों के भृष्टाचार के मामले मे दलौदा ग्राम पंचायत वित्तीय अनियमितता मामले की निष्पक्ष जांच कौन और कब पुरा करेगें.? यह कोई बताने को तैयार नही। तात्काकले सचिव के निलंबन अवधी को एक वर्ष एक माह से अधिक समय हो चुका। दलौदा ग्राम पंचायत मे नगद भुगतान एवं अन्य हुई वित्तीय अनियमतियता की वास्तविक जांच होती है तो तात्कालिन सचिव दिलीप धाकड़ के कार्यकाल मे ग्राम पंचायत की राशि से रू.120000 डाउन पेंमेंट देकर ट्रेंक्टर दुर्गा केथवास के व्यक्तिगत नाम से खरीदी की गई और नियमित रूप से पंचायत खाते से रू.14050 राशि प्रतिमाह दुर्गा केथवास के बैंक खाते मे भगतान किया गया। ऐसे में प्रथम दृष्टया तात्कालिन सचिव दिलीप धाकड़ को इस वित्तीय अनियमितता से बाहर कैसे रखा गया यह भी जांच की जांच होने जैसा संघिन मामला प्रतित होता है। वर्तमान जिला पंचायत सीईओ अनुकूल जैन से पुर्व राजेश जैन जिला पंचायत सीईओ द्वारा आर्थिक अनियमितिता के चलते दलौदा ग्राम पंचायत सरपंच को पद से प्रथक कर एफआईआर दर्ज कराने के पारित आदेश दिनांक 28 नवंबर 2024 के संदर्भ मे जनपद सीईओ को पत्र भेजा गया जिस पर सरपंच पद से प्रथक तो हो गई फिर कोर्ट से स्टे मिल गया, लेकिन आज तक एफआईआर दर्ज नही हो पाई और आदेश पारित करने वाले राजेश जैन सीईओ जिला पंचायत भी मंदसौर से तबादला लेकर अशोक नगर चले गये फिर भी दलौदा पंचायत का मामला जस का तस लंबीत है। नवागंत सीईओ अनुकुल जैन ने चार्ज तो लिया पर अब ऐसें में दलौदा ग्राम पंचायत मे हुए लाखों के भृष्टाचार की फाईलें आज तक कहां स्टेनों के पास ही पढ़ी हुई है ना सचिव का निलंबन समाप्त हूआ ना ही कोई भ्रश्टाचार की जांच पुरी हुई। कार्यवाही तातकलिक सीईओ जनपद मंदसौर जो की वर्तमान मे डिप्टी सीईओ रातप्रतापसिंह भी जिला पंचायत मे ही पदस्थ है। कोई नया आदेश जारी कर मामले को घुमा रहेें.? सचिव को एक वर्ष से अधिक समय निलंबरन अवधि मे ही पुरा हो गया, किसी सचिव को कितने दिन तक निलंबीत रखा जा सकता है, यह एक विचारणय प्रश्न है। दलौदा ग्राम पंचायत मे नगद भुगतान एवं अन्य हुई वित्तीय अनियमतियता की वास्तविक जांच होती है तो तात्कालिन सचिव दिलीप धाकड़ के कार्यकाल मे ग्राम पंचायत की राशि से रू.120000 डाउन पेंमेंट देकर ट्रेंक्टर दुर्गा केथवास के व्यक्तिगत नाम से खरीदी की गई और नियमित रूप से पंचायत खाते से रू.14050 राशि प्रतिमाह दुर्गा केथवास के बैंक खाते मे भगतान किया गया। ऐसे में प्रथम दृष्टया तात्कालिन सचिव दिलीप धाकड़ को इस वित्तीय अनियमितता से बाहर कैसे रखा गया यह भी जांच की जांच होने जैसा संघिन मामला प्रतित होता है। सचिव दिलीप धाकड़ के तबादले के बाद और वर्तमान मे पर्वतसिंह आंजना जो सचिव पदस्थ होकर कई वित्तीय अनियमितता मे दुर्गा केथवस के साथ शामिल होकर भी जांच की आचं से बाहर कैसे है.? वर्तमान सीईओ अनुकूल जैस है इससे पुर्व मे रामप्रतापसिंह प्रभारी जिला सीईओ रहे। सवाल यह है कि दलौदा ग्राम पंचायत वित्तीय अनियमितता मामले मे निष्पक्ष जांच कौन और कब पुरा करेगें.? पांच वर्ष पुर्व प्रधानमंत्री द्वारा पुरस्कृत ग्रा.पंचायत दलौदा चौपाटी मे लगभग 60 कर्मचारीयों वाली  बड़ी पंचायत है।

ये है दलोदा पंचायत का पुरा मामला जिसमे एफआईआर के हुए थे आदेश
बतादें 29 नवंबर 2024 को तात्कालिक सरपंच दुर्गा केथवास ग्राम पंचायत दलोदा चौपाटी को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत दोषी पाया जाने पर अपने पद से प्रथक करने के साथ ही छःसाल के लिए अयोग्य घोषित करते हूए शासकीय राशि की अनियमितता के मामले मे सीईओ जनपद मंदसौर को एफआईआर दर्ज करानें का आदेश न्यायालय मुख्य कार्यपालन अधिकरी, जिला पंचायत, मंदसौर द्वारा जारी किया गया। जांच मामले मे बताया गया की सरपंच पंचायत को अपना निजी कार्यालय की तरह संचालित कर वर्ष 2022 से आर्थिक अनियमितता करने मे लगी रही। पंचायत के नाम से ट्रेक्टर खरीदने की जगह खुद के नाम से ट्रेक्टर खरीदी कर ली और पंचायत से खाते से भुगतान स्वयं के बैक खाते मे प्राप्त कर बड़ी आर्थिक अनियमिता की जैसे मामले सामने आ गये। न्यायालय सीईओ जिला पंचायत मंदसौर मे कई मामले उल्लेखित है। जिसके अनुसार मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मंदसौर द्वारा प्रंकरण क्र 29/24-25/4130 29 नंवबर 2024 को न्यायलय मुख्य कार्यपालन अधिकारी मंदसौर म.प्र. शासन विरूद्ध श्रीमति दुर्गा केथवास सरपंच ग्राम पंचायत दलोदा चोपाटी पारित आदेश 28 नंवबर 2024 में सरपंच दुर्गा केथवास को वित्तीय अनियमितता के मामलो मे दोषी पाते हुए दुर्गा केथवास को सरपंच के पद से पृथक किया गया। पारित आदेश मे दुर्गा केथवास अगामी 5 वर्ष कालावधि के लिये किसी भी पंचायत या ग्राम निर्माण समिति ग्राम विकास समिति या ग्राम सभा की समिति का सदस्य होने के लिये निरर्हित घोषित किया गया। साथ् ही पारित आदेश में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मंदसौर को निर्देशित किया गया कि वे श्रीमति दुर्गा केथवास के विरूद्ध ग्राम पंचायत की धन राशि का अनियमित व्यय करना तथा वित्तीय अनियमितता किये जाने पर शासकीय धन राशि का दुरोपयोग किये जाने पर संबंधित पुलिस थाने मे एफआईआर दर्ज कराई जाकर उसकी एक प्रति न्यायालय जिला पंचायत कार्यालय को प्रेषित करने हेतु पारित किया गया। उक्त मामले मे सरपंच श्रीमति दुर्गा केथवास सरपंच ग्राम पंचायत दलोदा चोपाटी पारित आदेश 28 नंवबर 2024 मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मंदसौर द्वारा प्रंकरण क्र 29/24-25/4130 29 नंवबर 2024 को सक्षम न्यायलय से स्थगन आदेश प्राप्त कर सरपंच पद पर काबिज है लेकिन निलंबीत सचिव विरेन्द्र मेहरा को कोई राहत नही मिली।

 

 

B4 Times Indis द्वारा पुर्व मे 05/02/2025 को प्रकाशित सामाचार यहां पढें……

Madhya Pardesh//मंदसौर। राजेश जैन जिला पंचायत सीईओ द्वारा दो माह पुर्व आर्थिक अनियमितिता के चलते दलौदा ग्राम पंचायत सरपंच को पद से प्रथक कर एफआईआर दर्ज कराने के पारित आदेश दिनांक 28 नवंबर 2024 के संदर्भ मे जनपद सीईओ को पत्र भेजा गया जिस पर सरपंच पद से प्रथक तो हो गई लेकिन आज तक एफआईआर दर्ज नही हो पाई और आदेश पारित करने वाले राजेश जैन सीईओ जिला पंचायत भी मंदसौर से तबादला लेकर अशोक नगर चले गये फिर भी दलौदा पंचायत का मामला जस का तस लंबीत है। नवागंत सीईओ अनुकुल जैन ने चार्ज तो लिया नही पर तबादला के बाद राजेश जैन जनपद के सीईओ रामप्रतापसिंह को प्रभार सौप कर अशोक नगर चले गये। अब ऐसें में दलौदा ग्राम पंचायत मे हुए लाखों के भृष्टाचार की फाईलें प्रभारी सीईओ रातप्रतापसिंह पढ़ पाऐगे या फिर वही बिना पढ़े कोई नया आदेश जारी कर मामले को घुमातें रहेगें.? यह एक विचारणय प्रश्न है।
दलौदा ग्राम पंचायत मे नगद भुगतान एवं अन्य हुई वित्तीय अनियमतियता की वास्तविक जांच होती है तो तात्कालिन सचिव दिलीप धाकड़ के कार्यकाल मे ग्राम पंचायत की राशि से रू.120000 डाउन पेंमेंट देकर ट्रेंक्टर दुर्गा केथवास के व्यक्तिगत नाम से खरीदी की गई और नियमित रूप से पंचायत खाते से रू.14050 राशि प्रतिमाह दुर्गा केथवास के बैंक खाते मे भगतान किया गया। ऐसे में प्रथम दृष्टया तात्कालिन सचिव दिलीप धाकड़ को इस वित्तीय अनियमितता से बाहर कैसे रखा गया यह भी जांच की जांच होने जैसा संघिन मामला प्रतित होता है। सचिव दिलीप धाकड़ के तबादले के बाद और वर्तमान मे पर्वतसिंह आंजना जो सचिव पदस्थ होकर कई वित्तीय अनियमितता मे दुर्गा केथवस के साथ शामिल होकर भी जांच की आचं से बाहर कैसे है.? वर्तमान मे रामप्रतापसिंह प्रभारी जिला सीईओ चल रहे दलौदा ग्राम पंचायत वित्तीय अनियमितता मामले मे निष्पक्ष जांच करेगें.? पांच वर्ष पुर्व प्रधानमंत्री द्वारा पुरस्कृत ग्रा.पंचायत दलौदा चौपाटी मे आज लगभग 60 कर्मचारीयों को विगत नवबंर 2024, दिसबंर2024, जनवरी2025 तीन माह का वेतन नही मिला जिसके चलते पंचायत के इन कर्मचारीयों को आर्थिक तंगी का सामना करना पढ़ रहा है।

ये है दलोदा पंचायत का पुरा मामला जिसमे एफआईआर के हुए थे आदेश
बतादें 29 नवंबर 2024 को तात्कालिक सरपंच दुर्गा केथवास ग्राम पंचायत दलोदा चौपाटी को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत दोषी पाया जाने पर अपने पद से प्रथक करने के साथ ही छःसाल के लिए अयोग्य घोषित करते हूए शासकीय राशि की अनियमितता के मामले मे सीईओ जनपद मंदसौर को एफआईआर दर्ज करानें का आदेश न्यायालय मुख्य कार्यपालन अधिकरी, जिला पंचायत, मंदसौर द्वारा जारी किया गया। जांच मामले मे बताया गया की सरपंच पंचायत को अपना निजी कार्यालय की तरह संचालित कर वर्ष 2022 से आर्थिक अनियमितता करने मे लगी रही। पंचायत के नाम से ट्रेक्टर खरीदने की जगह खुद के नाम से ट्रेक्टर खरीदी कर ली और पंचायत से खाते से भुगतान स्वयं के बैक खाते मे प्राप्त कर बड़ी आर्थिक अनियमिता की जैसे मामले सामने आ गये। न्यायालय सीईओ जिला पंचायत मंदसौर मे कई मामले उल्लेखित है। जिसके अनुसार मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मंदसौर द्वारा प्रंकरण क्र 29/24-25/4130 29 नंवबर 2024 को न्यायलय मुख्य कार्यपालन अधिकारी मंदसौर म.प्र. शासन विरूद्ध श्रीमति दुर्गा केथवास सरपंच ग्राम पंचायत दलोदा चोपाटी पारित आदेश 28 नंवबर 2024 में सरपंच दुर्गा केथवास को वित्तीय अनियमितता के मामलो मे दोषी पाते हुए दुर्गा केथवास को सरपंच के पद से पृथक किया गया। पारित आदेश मे दुर्गा केथवास अगामी 5 वर्ष कालावधि के लिये किसी भी पंचायत या ग्राम निर्माण समिति ग्राम विकास समिति या ग्राम सभा की समिति का सदस्य होने के लिये निरर्हित घोषित किया गया। साथ् ही पारित आदेश में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मंदसौर को निर्देशित किया गया कि वे श्रीमति दुर्गा केथवास के विरूद्ध ग्राम पंचायत की धन राशि का अनियमित व्यय करना तथा वित्तीय अनियमितता किये जाने पर शासकीय धन राशि का दुरोपयोग किये जाने पर संबंधित पुलिस थाने मे एफआईआर दर्ज कराई जाकर उसकी एक प्रति न्यायालय जिला पंचायत कार्यालय को प्रषित करने हेतु पारित किया गया।

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