ब्रेकिंग
किसानों के खेतों से लेकर उनके खातों तक का ध्यान रख रही है: राज्य सरकार - मुख्यमंत्री डॉ. यादव
एमपीईएसबी की भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवालः पंचायत समन्वय अधिकारी भर्ती में 311 पदों मे एससी को एक भी ...
कवच योजना को मिली मंजूरी, 5 हजार किसानों को मिलेगा नए ऋण का लाभः सांसद बंशीलाल गुर्जर
खेत के रास्ते को लेकर विवाद, लाठियों से हमला करने वाले गोपाल रामेश्वर कुमावत सहित पांच आरोपियों पर अ...
सीतामऊ थाना पुलिस ने अवैध शराब के 60 क्वार्टर देशी शराब बरामद
मंदसौर। जिला चिकित्सालय मंदसौर में विधायक प्रतिनिधि बदले, मनोहर नाहटा की जगह जितेंद्र गुगर को मिली ज...
लाड़ली बहना योजना को रोजगार से जोड़ने पर जोर, मंत्री निर्मला भूरिया ने दिए सख्त निर्देश, मुख्यमंत्री ड...
अभय को भानपुरा को पुलिस ने सट्टा लिखते हुए पकड़ा
मंदसौर जिला के 400 पटवारी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहे
दतिया में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह की जीत
मनासा। सुश्री शिवांगीसिंह परिहार, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, मनासा के द्वारा बिना वैध लाईसेंस व बीमा के लापरवाहीपूर्वक मोटरसायकल चलाकर टक्कर मारते हुवे आहत का पैर तोड़ने वाले आरोपी मुकेश पिता घीसालाल रावत, आयु-30 वर्ष, निवासी-ग्राम पड़दा, तहसील-मनासा जिला नीमच को धारा 338 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 06 माह के कारावास व 200रू. अर्थदण्ड व धारा 146/196 व 3/181 मोटर यान अधिनियम, 1988 में 200-200रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया ।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओं श्री विपिन मण्डलोई द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 09 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 01.10.2015 की रात्री के 8ः30 बजे मनासा-मन्दसौर रोड़ स्थित बनी फण्टा की हैं। फरियादी संतोष ने थाने पर उपस्थित होकर रिपोर्ट लेख कराई कि वह और मनीष दोनो मन्दसौर स्थित फैक्ट्री से पाईपो को ट्रैक्टर में भरकर वापस मनासा आ रहे थे कि वह बनी फंटा पर पाईपो को बांधी गई रस्सी को टाईट करने के लिये रूके, उसी दौरान आरोपी महागढ़ की तरफ से मोटरसायकल को तेजगती व लापरवाहीपूर्वक चलाकर लाया और मनीष को टक्कर मार दी, जिसके कारण मनीष के पैर में फ्रैक्चर हो गया था। विवेचना के दौरान ज्ञात हुवा की आरोपी के पास मोटरसायकल चलाने का वैध लाईसेंस व बीमा नहीं था, जिस कारण आवश्यक धाराओं की वृद्धि कर अभियोग-पत्र मनासा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन की ओर से न्यायालय में फरियादी, आहत व चश्मदीद साक्षी सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर अपराध को प्रमाणित कराते हुवे आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया व जुर्माने की कुल राशि 600रू. को आहत प्रतिकर के रूप में प्रदान किये जाने का आदेश भी दिया गया।