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एमपीईएसबी की भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवालः पंचायत समन्वय अधिकारी भर्ती में 311 पदों मे एससी को एक भी पद नहीं जबकि ईडब्लुएस को 45 पद, किसान नेता जोगचंद ने प्रेस रिलीव में मुद्वा उठाते हुए कहा यह कैसा आरक्षण.?

Madhya Pardesh/ मंदसौर। मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) द्वारा आयोजित पंचायत समन्वय अधिकारी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि भर्ती में आरक्षण नियमों का समुचित पालन नहीं किया गया है। उनका कहना है कि इससे अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) सहित अन्य आरक्षित वर्गों के युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है।

जोकचंद ने बताया कि हाल ही में जारी एमपीईएसबी परीक्षा भर्ती विज्ञापन पोस्ट कोड क्रमांकः100 पर 311 पदों की पंचायत समन्वय अधिकारी भर्ती में अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए प्रत्यक्ष भर्ती का एक भी पद निर्धारित नहीं किया गया, जबकि अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग को 18 तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को 45 पद आवंटित किए गए हैं। उनका आरोप है कि यह व्यवस्था संविधान की भावना और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि मध्यप्रदेश में लागू सामान्य आरक्षण व्यवस्था के अनुसार यदि किसी भर्ती में 311 पद हों तो अनुसूचित जाति वर्ग को लगभग 16 प्रतिशत के आधार पर 50 पद, अनुसूचित जनजाति वर्ग को 20 प्रतिशत के आधार पर 62 पद तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत के आधार पर लगभग 31 पद मिलने चाहिए। ऐसे में वर्तमान भर्ती के रोस्टर और आरक्षण निर्धारण पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।

जोकचंद ने यह भी कहा कि इससे पहले कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती में भी ईडब्ल्यूएस वर्ग को निर्धारित प्रतिशत से अधिक पद दिए जाने को लेकर विवाद सामने आया था। अब पंचायत समन्वय अधिकारी भर्ती में भी आरक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक आरक्षण व्यवस्था सामाजिक समानता और न्याय का आधार है। इसलिए सरकार एवं एमपीईएसबी को पंचायत समन्वय अधिकारी तथा कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती का रोस्टर, आरक्षण की गणना और श्रेणीवार पदों का पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए। यदि किसी वर्ग के साथ अन्याय हुआ है तो भर्ती प्रक्रिया में तत्काल संशोधन कर न्याय सुनिश्चित किया जाए।

मल्हारगढ़ विधानसभा सीट से उम्मीदवार रहे किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने चेतावनी दी कि यदि एमपीईएसबी एवं राज्य सरकार ने शीघ्र ही कथित त्रुटियों का निराकरण नहीं किया और स्थिति स्पष्ट नहीं की, तो प्रदेशभर में लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन किया जाएगा।

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