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मंदसौर मे अधिकारी वर्ग विपक्ष की तो दूर, सत्ता में बैठे जन प्रतिनिधियों की भी नहीं सुन रहे-सीईओ जिला पंचायत पर भी आरोप

प्रभारी खनिज अधिकारी भावना सेंगर के खिलाफ सदस्यों ने निंदा प्रस्ताव पारित 

भोपाल। मध्यप्रदेश, मंदसौर जिले में अधिकारियों के रवैये से जिला पंचायत के सदस्य नाराज है। अधिकारी विपक्ष की तो दूर, सत्ता में बैठे जन प्रतिनिधियों की भी नहीं सुन रहे हैं। ऐसे में अब भाजपा समर्थित मंदसौर जिला पंचायत के अध्यक्ष सहित सदस्य कलेक्टर के सामने धरना प्रदर्शन और आमरण अनशन करने की तैयारी में है।
एक दैनिक के अनुसार मंगलवार को जिला पंचायत कार्यालय के सभागृह में सामान्य प्रशासन समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा पाटीदार सहित बीजेपी और कांग्रेस के सदस्य अधिकारियों पर बिफर पड़े। बैठक में अधिकारियों पर हिटलर शाही व्यवहार के आरोप लगे।
जिला पंचायत सीईओ कुमार सत्यम पर आरोप लगाया कि वे बिना सदस्यों के संज्ञान में लाए अकेले ही फैसले ले रहे हैं। उनके गलत निर्णय से शासन को राजस्व की हानि भी हो रही है।
जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा पाटीदार ने बताया कि जल संसाधन विभाग, जल निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने अपना पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। खनिज विभाग अधिकारीयों को भी अपना पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करना था लेकिन वह बैठक मे मौजुद नही रहे।
इसके बाद प्रभारी खनिज अधिकारी भावना सेंगर के खिलाफ सदस्यों ने निंदा प्रस्ताव पारित किया। दूर्गा पाटीदार ने बताया की जिस कम्पनी द्वारा जो खनन किया गया था उसकी पेंनल्टी की राशि वसुल किये बिना ही विभाग ने उसे दोबारा नई लिज कैसे दे दी। उन्होने आरोप लगाया की अमृत सागर तालाब योजना में श्री मुरम की खुदाई की गई जबकि इसके बारे में जिला की पंचायत सदस्यों को अवगत नहीं कराया गया। वही जल संसाधन विभाग द्वारा बिछाई गई पाइपलाइन में भी मापदंडों का ध्यान नहीं रखा गया। बैठक में जल संसाधन विभाग को सुधारने के निर्देश दिए गए है।

B4 Times India -सुत्रों की माने तो स्वास्थ्य विभाग और खनिज विभाग मे अधिकारी कर्मचारीयों के द्वारा भारी गड़बीयां की जा रही है।

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