नई दिल्ली। विधानसभा में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और प्रल्हाद पटेल ने मप्र के विधानसभा चुनाव में भी जीत हासिल की है। इसके अलावा रेणुका सिंह भी छत्तीसगढ़ से जीती हैं। अब इन मंत्रियों के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। वहीं सांसदों की बात करें तो राकेश सिंह, रीती पाठक, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, दीया कुमारी, अरुण साव भी सांसद चुने गए हैं। इनमें से कुछ लोगों को केंद्र सरकार में हिस्सेदारी मिल सकती है। जिन लोगों के नाम खासतौर पर चर्चा में हैं, उनमें होशंगाबाद के सांसद उदय प्रताप सिंह, राजस्थान के किरोड़ी लाल मीणा और अलवर के सांसद बाबा बालकनाथ शामिल हैं।
नियम के अनुसार विधायक चुने गए मंत्रियों और सांसदों को अगले 14 दिनों के अंदर विधानसभा या फिर संसद से इस्तीफा देना होगा। भाजपा के एक सीनियर नेता ने कहा कि ज्यादातर नेताओं को इसलिए विधानसभा चुनाव में उतारा गया था कि वे राज्यों में पार्टी को मजबूत करें। ऐसे में ज्यादा संभावना यही है कि सांसदों से कहा जाए कि वे लोकसभा छोड़ दें और राज्य में ही सक्रिय हों। इसके अलावा विधायक चुने गए तीन केंद्रीय मंत्रियों पर भी हाईकमान फैसला लेगा।