Bhopal/ दतिया। मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। इस चुनाव में 21 उम्मीदवार मैदान में (और एक नोटा) हैं। मतदान से पहले मतदाता सभी प्रत्याशियों की योग्यता, अनुभव और जनसंपर्क के आधार पर उनका आकलन कर रहे हैं।
यदि प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो भाजपा और कांग्रेस दोनों के प्रत्याशी शिक्षा के मामले में लगभग समकक्ष हैं। भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने उत्तर प्रदेश के झांसी से राजनीति विज्ञान में एमए की डिग्री प्राप्त की है, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने उत्तर प्रदेश के आगरा से अर्थशास्त्र में एमए किया है। दोनों ही प्रत्याशी स्नातकोत्तर शिक्षित हैं।
शैक्षणिक योग्यता के आधार पर दोनों उम्मीदवारों के बीच समानता दिखाई देती है। हालांकि चुनावी मुकाबले का परिणाम केवल शिक्षा पर नहीं, बल्कि मतदाताओं का विश्वास, जनसंपर्क, संगठन की मजबूती, स्थानीय मुद्दों और चुनावी रणनीति जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगा। ऐसे में अंतिम फैसला दतिया की जनता अपने मताधिकार के माध्यम से करेगी।
संपत्ति के मामले में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह भारी, भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी से करोड़ों आगे
दतिया। मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि उम्मीदवारों की घोषित संपत्ति को लेकर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। निर्वाचन आयोग को दिए गए शपथ-पत्रों के अनुसार कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह कुल घोषित संपत्ति के मामले में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी से काफी आगे हैं। चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियों में दोनों उम्मीदवारों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
चल संपत्ति में भी कांग्रेस प्रत्याशी आगे
भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने अपनी चल संपत्ति 49.15 लाख रुपये घोषित की है, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की चल संपत्ति 69.75 लाख रुपये है।
नकदी और बैंक जमा की बात करें तो आशुतोष तिवारी के पास 1.54 लाख रुपये नकद तथा विभिन्न बैंक खातों में करीब 6.87 लाख रुपये जमा हैं। वहीं घनश्याम सिंह ने 1.80 लाख रुपये नकद और बैंक खातों में लगभग 5.45 लाख रुपये जमा होना बताया है।
वाहन और आभूषण
आशुतोष तिवारी के पास टाटा हैरियर (लगभग 28.53 लाख रुपये) है। दूसरी ओर घनश्याम सिंह के पास बोलेरो और टोयोटा इनोवा (2021 मॉडल) सहित दो वाहन हैं।
आभूषणों के मामले में भी घनश्याम सिंह आगे हैं। आशुतोष तिवारी ने 80 ग्राम सोना (करीब 11.55 लाख रुपये) घोषित किया है, जबकि घनश्याम सिंह के पास 240 ग्राम सोना और 600 ग्राम चांदी है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 29.90 लाख रुपये है।
हथियार
आशुतोष तिवारी ने 65 हजार रुपये मूल्य की दो बंदूकें घोषित की हैं, जबकि घनश्याम सिंह के पास 75 हजार रुपये मूल्य की एक .315 बोर राइफल है।
अचल संपत्ति में करोड़ों का अंतर
दोनों उम्मीदवारों की अचल संपत्ति में सबसे बड़ा अंतर देखने को मिलता है। आशुतोष तिवारी की अचल संपत्ति का वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 1.30 करोड़ रुपये है, जबकि घनश्याम सिंह की अचल संपत्ति का अनुमानित मूल्य 19.38 करोड़ रुपये से अधिक है।
आशुतोष तिवारी के पास लगभग 33.75 लाख रुपये मूल्य की कृषि भूमि तथा ग्वालियर में 96 लाख रुपये मूल्य का एक आवासीय भवन है।
वहीं घनश्याम सिंह के पास लगभग 3.65 करोड़ रुपये मूल्य की कृषि भूमि, 2.50 करोड़ रुपये की गैर-कृषि भूमि तथा दतिया किला परिसर स्थित मार्केट में हिस्सेदारी है, जिसकी अनुमानित कीमत 9.70 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा दतिया किला भवन, भवानी विलास, सेवढ़ा किला और राजस्थान के अलवर स्थित कोठी में भी उनकी हिस्सेदारी घोषित की गई है।
पत्नी की संपत्ति भी घोषित
आशुतोष तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी के पास 44.84 लाख रुपये की चल संपत्ति है, जिसमें 312 ग्राम सोना शामिल है। उनके नाम 1.31 करोड़ रुपये मूल्य की कृषि भूमि भी दर्ज है।
घनश्याम सिंह की पत्नी के पास लगभग 70.17 लाख रुपये की चल संपत्ति है, जिसमें 580 ग्राम सोना प्रमुख है। इसके अलावा उनके नाम 14 लाख रुपये मूल्य की अचल संपत्ति भी घोषित की गई है।
देनदारियां
भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी पर 11.83 लाख रुपये का बैंक ऋण (कार लोन) है।
कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने 5.63 लाख रुपये की देनदारी घोषित की है। साथ ही दतिया किला मार्केट से जुड़े 1.24 करोड़ रुपये से अधिक के विवादित शासकीय एवं नगरपालिका देय भी शपथ-पत्र में उल्लेखित हैं, जिनके न्यायालय में विचाराधीन होने की जानकारी दी गई है।
नोट-यह जानकारी दोनों उम्मीदवारों द्वारा निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्तुत नामांकन शपथ-पत्र (Affidavit) में घोषित विवरण पर आधारित है। यह केवल जानने योग्य तथ्यात्मक प्रस्तुति आंकड़ों मे ( टंकण (टाइपिंग) या संकलन संबंधी त्रुटि हो सकती) है और इसका उद्देश्य किसी भी उम्मीदवार के पक्ष या विपक्ष में टिप्पणी करना नहीं है।