सीतामऊ अग्निकांड के बाद फूटा व्यापारियों का गुस्सा, व्यापारी हाथों में चूड़ियां लेकर नगर परिषद पहुंचे और घेराव कर प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया, मंदसौर रोड लदुना चौराहा पर लगाया चक्काजाम
📍 सीतामऊ / मंदसौर
मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के सीतामऊ में रविवार देर रात करीब 11 बजे बस स्टैंड क्षेत्र में भीषण आग लगने से पूरे नगर में अफरा-तफरी मच गई। आग की शुरुआत बस स्टैंड स्थित उदिया सेठ की किराना दुकान से हुई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर आसपास की 7 से 8 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना में व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
स्थानीय लोगों के अनुसार नगर परिषद की फायर ब्रिगेड लंबे समय से खराब पड़ी हुई है, जिसके चलते आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका। आग बुझाने के लिए निजी पानी के टैंकरों, स्थानीय नागरिकों और पुलिस की मदद ली गई। बाद में करीब 30 किलोमीटर दूर सुवासरा नगर परिषद से फायर ब्रिगेड बुलानी पड़ी।
घटना के दूसरे दिन व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में व्यापारी नगर परिषद पहुंचे और परिषद प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटाकर नगर परिषद परिसर में प्रवेश किया और अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की। कई व्यापारी हाथों में चूड़ियां लेकर पहुंचे और प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया।
इसके बाद नाराज व्यापारियों ने मंदसौर रोड स्थित लदुना चौराहा पहुंचकर चक्काजाम कर दिया। लंबे समय तक जाम लगा रहा, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि स्थानीय विधायक हरदीप सिंह डंग को मौके पर बुलाया जाए और उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
व्यापारियों का कहना है कि पिछले एक महीने में नगर में आग लगने की चार से पांच बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। नगर परिषद की फायर ब्रिगेड थाने परिसर में खराब हालत में पड़ी हुई है। व्यापारियों ने स्थायी फायर ब्रिगेड व्यवस्था, नुकसान का सर्वे और प्रभावित व्यापारियों को मुआवजा देने की मांग की है। मौके पर एसडीएम शिवानी गर्ग, तहसीलदार मोहित सिनम एवं थाना प्रभारी कमलेश प्रजापति ने आक्रोशित व्यापारियों को समझाइश दी और बाद में चक्काजाम खुलवाया गया।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हाल ही में प्रभारी मंत्री निर्मला भूरिया के सामने भी फायर ब्रिगेड की खराब व्यवस्था का मुद्दा उठाया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बतादें, वरिष्ठ पत्रकार अजय बड़ोलिया ने भी लगभग 20 दिन पहले प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को आग की बढ़ती घटनाओं और खराब फायर ब्रिगेड व्यवस्था को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो बड़ा हादसा हो सकता है। अब इस अग्निकांड के बाद लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की। कई व्यापारियों और नागरिकों ने आरोप लगाया कि “विधायक खरीदने में माहिर सरकार एक फायर ब्रिगेड तक नहीं खरीद पाई।” लोगों का कहना था कि यदि नगर में समय पर फायर ब्रिगेड उपलब्ध होती तो आग इतनी भयावह नहीं बनती और करोड़ों रुपये का नुकसान टाला जा सकता था। प्रदर्शन के दौरान विधायक हरदीप सिंह डंग के प्रति भी भारी आक्रोश देखने को मिला।
नगरवासियों ने सवाल उठाया कि जब लगातार आग की घटनाएं सामने आ रही थीं, तब जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने फायर ब्रिगेड व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए। लोगों का आरोप है कि चेतावनी दिए जाने के बावजूद प्रशासन लापरवाह बना रहा और अब व्यापारियों को करोड़ों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापारियों और नगरवासियों का कहना है कि आखिर करोड़ों के नुकसान का जिम्मेदार कौन है? जनता का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि मूकदर्शक बने हुए हैं, जबकि नगर में लगातार आग की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।

