इंदौर। मध्यप्रदेश, इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर गठित टीमों ने दिनभर विभिन्न विवाह स्थलों पर दस्तावेजों की जांच की। उड़नदस्ता टीम ने शनिवार रात 12 बजे तक आयु प्रमाणों का परीक्षण किया।
अक्षय तृतीया (19 अप्रैल 2026) के अवसर पर इंदौर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 बाल विवाह रुकवाए, जिसमें उज्जैन से आ रही एक बारात भी शामिल थी। महिला एवं बाल विकास विभाग, उड़नदस्ते और पुलिस की संयुक्त टीम ने 15-17 वर्ष की नाबालिग लड़कियों के विवाह टाले। अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत यह कानूनन अपराध है और दोषियों को 2 साल तक की जेल व ₹1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
भमोरी क्षेत्र में हेल्पलाइन पर मिली सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई की। जांच में बालिका की उम्र 16 साल पाई गई। माता.पिता को कानूनी प्रावधान समझाने के बाद विवाह निरस्त कर दिया गया।
न्यू गोविंद कॉलोनी में 15 वर्षीय बालिका की शादी की तैयारी की शिकायत पर टीम पहुंची। परिवार ने शुरुआत में इंकार कियाए लेकिन जांच में सगाई की पुष्टि हुई। समझाइश के बाद परिजनों ने बालिग होने तक विवाह टालने की सहमति दी।
खजराना थाना क्षेत्र की कॉलेज कॉलोनी में शनिवार को एक बालिका की शादी की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची। दस्तावेजों की जांच में बालिका की उम्र 17 साल 4 महीने पाई गई। अधिकारियों ने परिवार को समझाइश दीए जिसके बाद विवाह टाल दिया गया। उज्जैन के दूल्हे पक्ष को सूचना देने पर बारात भी कैंसिल कराई गई।
अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। लोगों से अपील की गई है कि नाबालिग विवाह की सूचना तुरंत संबंधित विभाग या हेल्पलाइन को दें।