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नीट परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर सोशल मीडिया के जरिए ठगी, एक छात्र गिरफ्तार, आरोपी ने करीब 22 से 23 लोगों से अपने अकाउंट के माध्यम से यूपीआई से भुगतान प्राप्त किया।, कोटा पुलिस ने इस संबंध में इंदौर पुलिस को ई-मेल भेजकर जानकारी शेयर की थी।

इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने एक प्रथम वर्ष के लॉ छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह कथित तौर पर नीट परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर सोशल मीडिया के जरिए ठगी करने में शामिल था। इंदौर के डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी ने चैटजीपीटी का इस्तेमाल करके पेपर तैयार किए थे। आरोपी के खाते में 25 से 30 हजार रुपए आ चुके थे। उन्होंने बताया कि इंस्टाग्राम पर अपने फॉलोअर्स बढ़ाने और गलत तरीके से पैसे कमाने के लिए गलत पेपर बनाकर बेचे थे। डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि तकनीकी आधार पर जांच और इंस्टाग्राम पर उसे फॉलो करके गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अक्षय मालवीय निवासी आंगन शक्करखेड़ी, लसूड़िया है। वह इंदौर के एक लॉ कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र है। पुलिस के अनुसार, अक्षय ने नीट परीक्षा से पहले इंस्टाग्राम पर वर्ष 2026 के कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने संबंधी कई पोस्ट वायरल की थीं। इन पोस्टों में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद अभ्यर्थियों को भुगतान करने के लिए कहा जाता था। भुगतान करने के बाद ही लिंक खुलता था और उसमें कथित तौर पर परीक्षा से संबंधित सामग्री दिखाई जाती थी।
जांच में सामने आया है कि नीट परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक की चर्चाओं के दौरान भी आरोपी ने इसी तरह की भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रसारित की थीं। इसी वजह से वह पहले से ही साइबर पुलिस की निगरानी में था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने करीब 22 से 23 लोगों से अपने अकाउंट के माध्यम से यूपीआई से भुगतान प्राप्त किया था।
प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को गुमराह कर आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास कर रहा था। उसने पुराने प्रश्नपत्रों और उपलब्ध सामग्री के आधार पर नए प्रश्नपत्र जैसे दस्तावेज तैयार किए और उन्हें असली पेपर बताकर प्रचारित किया। इच्छुक अभ्यर्थियों को भुगतान के बाद ही इन दस्तावेजों तक पहुंच मिलती थी।
इंदौर पुलिस के अनुसार, शनिवार को कोटा पुलिस ने इस संबंध में इंदौर पुलिस को ई-मेल भेजकर जानकारी शेयर की थी। इसके बाद इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने जांच तेज की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया। News@Copy Khas Khabar

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