ब्रेकिंग
आगर-मालवा में पटवारी 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
स्मार्ट मीटरों से बढ़े बिलों पर मंदसौर शहर में भड़का जनाक्रोश, नागरिकों ने दी आंदोलन की चेतावनी
राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने फिर चौंकाया, संगठन के सिपाही रजनीश अग्रवाल को बनाया उम्मीदवार
कांग्रेस पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया : संक्षिप्त परिचय
भोपाल में आंधी-अंधड़ से चरमराई बिजली व्यवस्था, बहाली के लिए युद्ध स्तर पर जुटी टीमें
मध्य प्रदेश के भोपाल-ग्वालियर समेत 40 जिलों में होगी झमाझम बारिश
महिला किसान की जमीन के नामांतरण के बदले रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, लोकायुक्त की कार्रवाई
"मंदसौर वन विभाग में लोकायुक्त का शिकंजा: 3 हजार की रिश्वत लेते स्थापना शाखा प्रभारी रंगे हाथ गिरफ्त...
प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक हर व्यक्ति को पक्का घर उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन आज भी बड़ी सं...
‘जल मंदिर का शुभारंभ, विश्व तंबाकू नियंत्रण दिवस मनाया, मंदसौर कलेक्टर की समीक्षा बेठक सम्पन्न
Madhya Pardesh//नीमच। श्रीमती अंकिता गुप्ता, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा महिला के साथ चाकू से मारपीट कर चोट पँहुचाने वाले आरोपी दिलीप जैन पिता रतनलाल खटीक, उम्र-55 वर्ष, निवासी-ग्राम गिरदौड़ा, थाना नीमच सिटी, जिला नीमच को धारा 324 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 06 माह के सश्रम कारावास व 3000 रूपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओं चन्द्रकांत नाफड़े द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 06 वर्ष पूर्व 11.08.2019 की शाम के लगभग 07 बजे ग्राम गिरदौड़ा स्थित फरियादीया के घर के बहार की हैं। घटना दिनांक को फरियादीया सरोज जाटव उसके घर के बाहर खड़ी थी, तभी वहां आरोपी ने आकर उसके पति के बारे में पुछां तो फरियादी ने कहा की वह काम पर गया हैं। जिस पर से आरोपी ने कहा की वह सहीं क्यों नहीं बता रहीं हैं और इसी बात को लेकर विवाद करते हुवे उसने फरियादीया पर चाकू से हमला कर उसको चोटे पँहुचाई। फरियादीया के चिल्लाने के आवाज सुनकर सुरेन्द्र, सोनू एवं मोहनलाल यादव ने आकर बीच-बचाव किया। फरियादीया ने घटना की रिपोर्ट थाना नीमच सिटी पर की जिस पर से अपराध पंजीबद्ध किया गया व फरियादीया का मेडिकल किये जाने के बाद आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र नीमच न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में फरियादीया, चश्मदीद साक्षी सहित सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराते हुवे आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से न्यायालय द्वारा आरोपी को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी चन्द्रकांत नाफड़े, एडीपीओ द्वारा की गई।