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दलौदा ग्राम पंचायत वित्तीय अनियमितता मामले मे 70 दिनों के बाद भी एफआईआर दर्ज तो नही हुई पर जिला पंचायत सीईओ राजेश जैन तबादला लेकर अशोकनगर जरूर चले गये…..! पंचायत कर्मचारीयों को नवबंर 2024, दिसबंर 2024, जनवरी 2025 तीन माह का वेतन नही मिला

Madhya Pardesh//मंदसौर। राजेश जैन जिला पंचायत सीईओ द्वारा दो माह पुर्व आर्थिक अनियमितिता के चलते दलौदा ग्राम पंचायत सरपंच को पद से प्रथक कर एफआईआर दर्ज कराने के पारित आदेश दिनांक 28 नवंबर 2024 के संदर्भ मे जनपद सीईओ को पत्र भेजा गया जिस पर सरपंच पद से प्रथक तो हो गई लेकिन आज तक एफआईआर दर्ज नही हो पाई और आदेश पारित करने वाले राजेश जैन सीईओ जिला पंचायत भी मंदसौर से तबादला लेकर अशोक नगर चले गये फिर भी दलौदा पंचायत का मामला जस का तस लंबीत है। नवागंत सीईओ अनुकुल जैन ने चार्ज तो लिया नही पर तबादला के बाद राजेश जैन जनपद के सीईओ रामप्रतापसिंह को प्रभार सौप कर अशोक नगर चले गये। अब ऐसें में दलौदा ग्राम पंचायत मे हुए लाखों के भृष्टाचार की फाईलें प्रभारी सीईओ रातप्रतापसिंह पढ़ पाऐगे या फिर वही बिना पढ़े कोई नया आदेश जारी कर मामले को घुमातें रहेगें.? यह एक विचारणय प्रश्न है।
दलौदा ग्राम पंचायत मे नगद भुगतान एवं अन्य हुई वित्तीय अनियमतियता की वास्तविक जांच होती है तो तात्कालिन सचिव दिलीप धाकड़ के कार्यकाल मे ग्राम पंचायत की राशि से रू.120000 डाउन पेंमेंट देकर ट्रेंक्टर दुर्गा केथवास के व्यक्तिगत नाम से खरीदी की गई और नियमित रूप से पंचायत खाते से रू.14050 राशि प्रतिमाह दुर्गा केथवास के बैंक खाते मे भगतान किया गया। ऐसे में प्रथम दृष्टया तात्कालिन सचिव दिलीप धाकड़ को इस वित्तीय अनियमितता से बाहर कैसे रखा गया यह भी जांच की जांच होने जैसा संघिन मामला प्रतित होता है। सचिव दिलीप धाकड़ के तबादले के बाद और वर्तमान मे पर्वतसिंह आंजना जो सचिव पदस्थ होकर कई वित्तीय अनियमितता मे दुर्गा केथवस के साथ शामिल होकर भी जांच की आचं से बाहर कैसे है.? वर्तमान मे रामप्रतापसिंह प्रभारी जिला सीईओ चल रहे दलौदा ग्राम पंचायत वित्तीय अनियमितता मामले मे निष्पक्ष जांच करेगें.? पांच वर्ष पुर्व प्रधानमंत्री द्वारा पुरस्कृत ग्रा.पंचायत दलौदा चौपाटी मे आज लगभग 60 कर्मचारीयों को विगत नवबंर 2024, दिसबंर2024, जनवरी2025 तीन माह का वेतन नही मिला जिसके चलते पंचायत के इन कर्मचारीयों को आर्थिक तंगी का सामना करना पढ़ रहा है।

ये है दलोदा पंचायत का पुरा मामला जिसमे एफआईआर के हुए थे आदेश
बतादें 29 नवंबर 2024 को तात्कालिक सरपंच दुर्गा केथवास ग्राम पंचायत दलोदा चौपाटी को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत दोषी पाया जाने पर अपने पद से प्रथक करने के साथ ही छःसाल के लिए अयोग्य घोषित करते हूए शासकीय राशि की अनियमितता के मामले मे सीईओ जनपद मंदसौर को एफआईआर दर्ज करानें का आदेश न्यायालय मुख्य कार्यपालन अधिकरी, जिला पंचायत, मंदसौर द्वारा जारी किया गया। जांच मामले मे बताया गया की सरपंच पंचायत को अपना निजी कार्यालय की तरह संचालित कर वर्ष 2022 से आर्थिक अनियमितता करने मे लगी रही। पंचायत के नाम से ट्रेक्टर खरीदने की जगह खुद के नाम से ट्रेक्टर खरीदी कर ली और पंचायत से खाते से भुगतान स्वयं के बैक खाते मे प्राप्त कर बड़ी आर्थिक अनियमिता की जैसे मामले सामने आ गये। न्यायालय सीईओ जिला पंचायत मंदसौर मे कई मामले उल्लेखित है। जिसके अनुसार मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मंदसौर द्वारा प्रंकरण क्र 29/24-25/4130 29 नंवबर 2024 को न्यायलय मुख्य कार्यपालन अधिकारी मंदसौर म.प्र. शासन विरूद्ध श्रीमति दुर्गा केथवास सरपंच ग्राम पंचायत दलोदा चोपाटी पारित आदेश 28 नंवबर 2024 में सरपंच दुर्गा केथवास को वित्तीय अनियमितता के मामलो मे दोषी पाते हुए दुर्गा केथवास को सरपंच के पद से पृथक किया गया। पारित आदेश मे दुर्गा केथवास अगामी 5 वर्ष कालावधि के लिये किसी भी पंचायत या ग्राम निर्माण समिति ग्राम विकास समिति या ग्राम सभा की समिति का सदस्य होने के लिये निरर्हित घोषित किया गया। साथ् ही पारित आदेश में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मंदसौर को निर्देशित किया गया कि वे श्रीमति दुर्गा केथवास के विरूद्ध ग्राम पंचायत की धन राशि का अनियमित व्यय करना तथा वित्तीय अनियमितता किये जाने पर शासकीय धन राशि का दुरोपयोग किये जाने पर संबंधित पुलिस थाने मे एफआईआर दर्ज कराई जाकर उसकी एक प्रति न्यायालय जिला पंचायत कार्यालय को प्रषित करने हेतु पारित किया गया।

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