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Madhya Pardesh// नीमच। श्रीमति पुष्पा तिलगांम, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, नीमच के द्वारा दो तीतर को पकड़ने वाले प्रतापसिंह पिता गिनोसिंह, उम्र-37 वर्ष, निवासी-ग्राम जग्गाखेड़ी, जिला-मंदसौर, वर्तमान निवासी-एकता कॉलोनी, शिवघाट, जिला-नीमच (मध्यप्रदेश) को धारा 2, 9, 39 सहपठित धारा 51 वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत 01 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओं पारस मित्तल द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 08 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 17.09.2017 को हिंगोरिया रेल्वे फाटक, नीमच की हैं। घटना दिनांक को वन परिक्षैत्र अधिकारी प्रतापलाल गेहलोत अपने गश्ती स्टॉफ के साथ गश्त करते हुवे चीताखेड़ा की ओर जा रहे थे, कि हिंगोरिया रेल्वे फाटक के पास एक संदिग्ध व्यक्ति मोटरसायकल पर दिखाई दिया, जिसकी तलाशी लिये जाने पर पिंजरे में दो जीवीत तीतर व दो फंदे व एक पक्षीयों का शिकार करने की गिलोल मिली। आरोपी का कृत्य वन्य प्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत दण्डनीय होने से मौके से आरोपी के कब्जे वाली मोटरसायकल, दोनो तीतर, फंदा, पिंजरा व गिलोल को जप्त किया गया व आरोपी के गिरफ्तार किया जाकर उसके विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किये जाने के उपरांत विवचना बाद परिवाद-पत्र नीमच न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में जप्तीकर्ता अधिकारी, पंचसाक्षी व गश्तीदल के सदस्यों सहित सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराते हुवे आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से न्यायालय द्वारा आरोपी को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री पारस मित्तल, एडीपीओ द्वारा की गई।