डॉक्टर द्वारा पिड़ता के साथ अनैतिक कार्य किया, मंदसौर जिले के कोतवाली थाने पर देव डायग्नोस्टिक संचालक के खिलाफ धारा 376 के तहत केस दर्ज
भोपाल। मध्यप्रदेश के मंदसौर में उपचार कराने पहुंची 19 वर्षीय युवती के साथ छेड़छाड़ करने वाले डायग्नोस्टिक संचालक चिकित्सक के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया है। युवती का आरोप है कि सोनोग्राफी करने के दौरान डॉक्टर ने उससे कहा- नाइट में आ जाना तो मैं तुम्हारा इलाज फ्री में कर दूंगा। उसने युवती के प्राइवेट पार्ट पर हाथ भी लगाया।
मंदसौर जिले के कोतवाली थाने पर डायग्नोस्टिक संचालक के खिलाफ धारा 376 के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि डॉक्टर ने सोनोग्राफी के दौरान युवती के प्रायवेट पार्ट पर हाथ लगाया। इधर, डॉक्टर का कहना है की युवती ने मेरे जीजा के इशारे पर उसके खिलाफ झूठा केस दर्ज करवाया है। इस कार्रवाई के दौरान थाने पर कई निजी डॉक्टर भी इकट्ठा हो गए थे। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि पहले मामले की जांच की जाए उसके बाद ही गिरफ्तारी जैसा कदम उठाया जाए।
जानकारी अनुसार मंदसौर शहर कोतवाली थाना पुलिस ने 19 वर्षीय युवती की शिकायत पर जिला अस्पताल के सामने स्थित देव डाइग्नोस्टिक के संचालक डॉक्टर भरत संगतानी के खिलाफ धारा 376 के तहत मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वो पेट में दर्द होने के कारण 22 फरवरी की दोपहर करीब 1 बजे भाई के साथ सरकारी अस्पताल मंदसौर गई थी। यहां डाक्टर ने सोनोग्राफी कराने के लिए पर्चा लिखा। इस पर सरकारी अस्पताल के सामने देव डायग्नोस्टिक पर सोनाम्राफी करवाने के लिए पहुंची।
करीब 2 बजे एक महिला नर्स ने सोनोग्राफी कमरे में उसे लिटाया और बाहर चली गई। इससे पहले नर्स ने सोनोग्राफी के हिसाब से उसके कपड़े पेट के ऊपर तक कर दिए थे। जाते-जाते नर्स ने कहा कि डॉक्टर भरत आएंगे और तुम्हारी सोनोग्राफी करेंगे। थोड़ी देर में डॉक्टर भरत आए और उन्होंने सोनोग्राफी के दौरान मेरे प्राइवेट पार्ट पर हाथ लगाया। इस पर मैंने उनसे कहा कि सोनोग्राफी ऐसे नहीं होती है, तो डॉक्टर ने कहा कि मेरे यहां ऐसे ही होती है। नाइट में आ जाना तो मैं तुम्हारा पूरा इलाज फ्री में कर दूंगा। डॉक्टर की इस हरकत से मैं घबरा गई और रोने लगी। बाहर आने पर मुंहबोले भाई ने पूछा तो मैंने उसे घटना की जानकारी दी। जिसके बाद पीड़िता अपने भाई के साथ कोतवाली थाने पहुंची आरोपी डॉक्टर भरत संगतानी के खिलाफ केस दर्ज कराया।
निजी डॉक्टर 3 घंटे तक थाने पर कोतवाली पर इकट्ठा रहे,सफलता नहीं मिल पाई
घटना के दौरान आईआईएम के अध्यक्ष डॉ. रमेश कनेसरिया, डॉ. गोविन्द छापरवाल, डॉ. प्रदीप वेलावत, डॉ. विमल मेहता, डॉ. सुरेश पमनानी, डॉ. मुकेश बागड़ी, डॉ. कमलेश कुमावत, डॉ. अजय व्यास, डॉ. दिनेश शर्मा, डॉ. संजीव मेहता, डॉ. सौरभ पांडे, डॉ. एसएस पाटीदार, डॉ योगेन्द्र कोठारी, डॉ. सिद्धार्थ मेहता सहित अन्य कई वरिष्ठ और युवा चिकित्सक भी थाने पहुंचे थे। यहां चिकित्सकों ने आरोप को निराधार बताते हुए गिरफ्तारी के पहले जांच की मांग की। इस दौरान कुछ चिकित्सकों ने युवती से बातचीत कर मामला रफा-दफा करने का प्रयास भी किया। करीब 3 घंटे तक थाने पर सभी चिकित्सक इकट्ठा रहे, लेकिन डाक्टरों को सफलता नहीं मिल पाई।
डॉ. द्वारा पिड़ता के साथ अनैतिक कार्य किया गया
पीड़िता का बयान दर्ज करने वाली अफजलपुर थाना प्रभारी दर्शना मुजाल्दे ने बताया कि यह शहर कोतवाली थाना क्षेत्र का मामला है। पीड़िता जिला अस्पताल के सामने स्थित देव डायग्नोस्टिक सेंटर पर सोनाग्राफी करवाने के लिए गई थी। यहां डॉ. भरत संगतानी द्वारा पीड़िता के साथ अनैतिक कृत्य किया है। पुलिस ने प्राथमिक तौर पर धारा 376 केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
- देव डायग्नोस्टिक के संचालक आरोपी डॉक्टर भरत संगतानी ने बताया कि मेरे जीजा कमलेश होतवानी ने साजिश रचकर मुझे झूठे केस में फंसाया है। सोनोग्राफी के दौरान महिला कर्मचारी भी उपस्थित थी। जैसा वह आरोप लगा रही है, वैसा कुछ नहीं हुआ।