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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक-राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ के गठन का निर्णय

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण के लिए विभिन्न विभागों की 38 हजार 555 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के व्यापारियों के कल्याण के लिए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया है। यह निर्णय प्रदेश के बुनियादी ढांचे, कृषि आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से लिए गए हैं।

बैठक के प्रमुख निर्णयों में 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-2031) के लिए सड़क निर्माण, ग्रामीण मार्गों के उन्नयन और शासकीय आवासों के रखरखाव के लिए सर्वाधिक 32 हजार 405 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए “दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन” को मंजूरी दी गई, इसमें आगामी 5 वर्षों में 2,442.04 करोड़ रुपये व्यय कर दलहन उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास के अंतर्गत नवीन आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण और ‘मिशन वात्सल्य’ के सुचारू संचालन के लिए 2,412 करोड़ रुपये तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 1,295 करोड़ 52 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए मंत्रि-परिषद ने ‘राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ के गठन का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जो व्यापारियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और सरकार के साथ सीधे संवाद का सशक्त माध्यम बनेगा। यह पहल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

 

मंत्रि-परिषद ने राज्य के व्यापारिक समुदाय के हितों के संरक्षण , उनके सर्वांगीण विकास और समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए ‘राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ और जिला स्तरीय समितियों के गठन की मंजूरी दी है। भारत सरकार द्वारा स्थापित राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उठाए गए इस कदम का मुख्य लक्ष्य प्रदेश के व्यापारियों और सरकार के बीच एक सीधा संवाद तंत्र स्थापित करना है, जिससे व्यापारिक क्षेत्र की बाधाओं को दूर कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति दी जा सके।

मुख्यमंत्री, राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष होंगे। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा सूक्ष्म , लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सदस्य होंगे। प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित करने के लिए वित्त, कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, खनिज, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य नीति आयोग, भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड, एनएचएआई और एफएसएसएआई जैसे प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों के प्रमुखों को भी बोर्ड का आधिकारिक सदस्य बनाया गया है। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान और आरसीपीवी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। बोर्ड में देश के प्रतिष्ठित व्यापारिक संगठनों जैसे सीआईआई, फिक्की, डिक्की, फिओ और लघु उद्योग भारती के राज्य प्रमुखों को पदेन सदस्य के रूप में जोड़ा गया है। क्षेत्रीय प्राधिकरण डीजीएफटी को सदस्य एवं मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक को सदस्य सचिव के रूप में शामिल किया गया है।

राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड में आवश्यकतानुसार संशोधन अध्यक्ष की अनुमति से किया जा सकेगा। जिला स्तरीय समिति के गठन एवं कार्य क्षेत्र का निर्धारण सदस्य सचिव द्वारा किया जायेगा। राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड की बैठक कैलेंडर वर्ष में चार बार अर्थात् प्रत्येक 3 माह में एक बार तथा जिला स्तरीय समिति की बैठक प्रत्येक माह में एक बार आयोजित की जाएगी।

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