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MP-चुनाव हारने के बाद अब पूर्व मंत्री और विधायक लोकसभा चुनाव लडऩे की अपनी संभावनाएं तलाश रहे…

भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा केंद्र सरकार की योजनाओं के हितग्राहियों को साधने पूरा फोकस लगा रही है। वहीं पूर्व मंत्री और विधायक चुनाव हारने के बाद अब लोकसभा चुनाव लडऩे की अपनी संभावनाएं तलाश रहे। पार्टी सूत्रों के अनुसार लोकसभा चुनाव में पार्टी आधे नए चेहरों को मैदान में उतारेगी। भाजपा इसके लिए एक-एक सीट पर प्रत्याशी के चयन के लिए जातिगत समीकरण बैठाया जा सकता है।
भाजपा ने 2019 में प्रदेश में लोकसभा की 28 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भाजपा ने 2024 के लिए 29 में से 29 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। इसलिए भाजपा करीब आधे सांसदों के टिकट काट सकती है। दरअसल, भाजपा की रणनीति नए और युवा चेहरों को मैदान में उतारने की है। जानकारी के अनुसार भाजपा ने सभी सीटों पर अपनी रायशुमारी कर ली है।
जानकारों का कहना है कि पांच सीटों पर नए चेहरों को ही पार्टी का चुनाव लड़ाएंगे।
विधानसभा चुनाव हारे नेता भी कर रहे लोकसभा की दावेदारी
सुत्रों की माने तो विधानसभा चुनाव में हारे मंत्री और विधायकों के नाम पर भी चर्चा चल रही है। इसमें पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम मुरैना और ग्वालियर, यशपाल सिंह सिसोदिया मंदसौर, इमरतीदेवी भिंड, रामपाल सिंह विदिशा से टिकट के लिए प्रयसास कर रहे हैं।
बता दें पिछली बार उज्जैन से सांसद अनिल फिरोजिया 2018 में तराना से विधानसभा का चुनाव हार गए थे। इसके बाद उनको पार्टी ने लोकसभा चुनाव में उतार दिया और उन्होंने बड़ी जीत दर्ज की। यही, वजह है कि कई पूर्व मंत्री और विधायक चुनाव हारने के बाद अब लोकसभा चुनाव लडऩे की अपनी संभावनाएं तलाश रहे हैं।

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