जादू-टोना कर सोने के बिस्किट दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, आरोपी गिरफ्तार आरांेपी ने 10 कथित सोने के बिस्किट महिला को देकर कुल 13 लाख 80 हजार 790 रुपये अलग-अलग किस्तों में लिए गये
मंदसौर। मध्यप्रदेश, मंदसौर थाना कोतवाली पुलिस ने जादू-टोना कर सोने के बिस्किट दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टी.एस. बघेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह भास्कर के निर्देशन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह राठौर के नेतृत्व में की गई। पुलिस के अनुसार 14 मई 2026 को मंदसौर निवासी एक महिला ने थाना कोतवाली में लिखित आवेदन देकर बताया कि वह सिलाई-कढ़ाई का कार्य करती है और पिछले 4-5 वर्षों से आरोपी भूरू खां के संपर्क में थी।
आरोपी ने जून 2025 में महिला को यह कहकर प्रलोभन दिया कि वह जादू-टोना कर उसके कच्चे मकान से सोने के बिस्किट निकाल सकता है और उसे लाखों रुपये का फायदा दिला सकता है। आरोपी की बातों में आकर महिला ने 14 जून 2025 से 21 नवंबर 2025 के बीच नगद एवं ऑनलाइन माध्यम से कुल 13 लाख 80 हजार 790 रुपये अलग-अलग किस्तों में आरोपी को दे दिए। इसके बाद आरोपी ने नवंबर 2025 में महिला के घर जाकर कथित जादू-टोना किया और कुछ समय बाद 10 कथित सोने के बिस्किट महिला को सौंप दिए। आरोपी ने महिला को इन्हें बाजार में नहीं बेचने और बाद में अपने परिचित सुनार के माध्यम से बिकवाने की बात कही। कुछ समय बाद महिला को संदेह हुआ तो उसने परिचित सर्राफा व्यापारी को बिस्किट दिखाए, जो जांच में नकली पीतल के निकले। इसके बाद महिला ने आरोपी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने मोबाइल नंबर बंद कर लिया। प्रारंभिक जांच में आरोपी द्वारा स्वयं को चित्तौड़गढ़ निवासी बताया गया था, लेकिन पुलिस तस्दीक में उसका निवासी सीतामऊ, जिला मंदसौर होना सामने आया। महिला की शिकायत पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 320/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने 15 मई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर तीन अन्य पीतल के बिस्किट भी बरामद किए गए हैं। पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेकर यह पता लगाएगी कि उसने अन्य लोगों के साथ भी इसी प्रकार की ठगी की है या नहीं तथा ठगी की रकम का उपयोग कहां किया गया। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह राठौर, उपनिरीक्षक विजय पुरोहित, प्रधान आरक्षक कमलेश वर्मा, प्रधान आरक्षक रामनारायण नागदा एवं आरक्षक भानु प्रताप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।