मंदसौर के पुर्व विधायक ने राजस्थान सीएम एवं चित्तौड़गढ़ कलेक्टर से कहा चित्तौड़गढ़ किले पर अवैध वसूली और बत्तमीजी की जा रही है यहां बायन माता जी (बायना माता) मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से पार्किंग शुल्क वसूलने की शिकायतें अक्सर चर्चा में रहती हैं।
मंदसौर/चित्तौड़गढ़। राजस्थाप के चित्तौड़गढ़ में बायन माता जी (बायना माता) मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से पार्किंग शुल्क वसूली के मामले मे मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं मंदसौर के पुर्व विधायक यशपालसिंह सिसोदिया ने राजस्थान के चित्तौड़गढ जिला कलेक्टर एवं राजस्थान के मुख्यमंत्री से सोशल साईट X पर ट्वीट के माध्यम से उन्हे अवगत करते हुए कहा की आपसे अनुरोध है कि चित्तौड़गढ़ के किले पर उन नागरिकों से भी फोर वीलर वाहनों से अवैध वसूली और बत्तमीजी की जा रही है,जो यात्री किले में नहीं जा कर बायन माता जी के दर्शन लाभ लेने जा रहे हैं, उनसे भी पार्किंग के नाम पर राशि वसूल की जा रही है। 
बतादें, चित्तौड़गढ़ में बायन माता जी (बायना माता) मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से पार्किंग शुल्क वसूलने की शिकायतें अक्सर चर्चा में रहती हैं। यह मुद्दा स्थानीय प्रशासन, नगर परिषद या मंदिर न्यास की पार्किंग व्यवस्था से जुड़ा है। यदि पार्किंग अवैध या निर्धारित दर से अधिक है, तो संबंधित अधिकारियों या नगर परिषद प्रशासन से शिकायत के बाद अब क्या कार्यवाही होती है, यह बाद की बात है पर अभी जो दर्शनार्थीयो/भक्तों से चित्तौड़गढ़ में बायन माता जी (बायना माता) मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से पार्किंग शुल्क वसूलने जैसें मामले पर तुरंत रोक लगना चाहिए।
संबंधित विभाग: जिला कलेक्टर, चित्तौड़गढ़ नगर परिषद।
AI समाधान: पार्किंग रसीद मांगें और अवैध वसूली होने पर स्थानीय पुलिस या नगर परिषद को सूचित करें।
चित्तौड़गढ़ में बायन माता जी (या किसी भी संरक्षित स्मारक) के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं से पार्किंग के नाम पर शुल्क वसूली की जा रही है, जो कि निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों के अंतर्गत आता है। Archaeological Survey of India के नियमों के अनुसार, वाहन केवल निर्दिष्ट पार्किंग क्षेत्रों में ही खड़े किए जा सकते हैं। ऐसे किसी भी स्थान पर जहां वाहन खड़ा करने की सुविधा (पार्किंग) उपलब्ध है, शुल्क वसूली एक सामान्य प्रक्रिया हो सकती है।
नोट: आपकी जानकारी के अनुसार, यदि मंदिर परिसर के बाहर या आसपास पार्किंग का ठेका दिया गया है, तो वे शुल्क ले सकते हैं, लेकिन यदि यह शुल्क अवैध रूप से वसूला जा रहा है, तो इसकी शिकायत की जानी चाहिए।