ब्रेकिंग
मंदसौर जिला के 400 पटवारी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहे दतिया में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह की जीत दतिया विधानसभा उपचुनावरू 11वें राउंड के बाद कांग्रेस की बढ़त बरकरार, भाजपा 12,221 वोट से पीछे सोमवार को मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन... नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियानः मंदसौर जिला पुलिस द्वारा अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवा... मल्हारगढ़ पुलिस की कार्रवाईः अवैध शराब के तीन मामलों में 56 क्वार्टर जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ, मुख्यमं... मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की आगामी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए कलेक्टर दिव्यांक सिं... गुना पुलिस की गौवंश तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाईः बीनागंज चौकी, थाना चॉचोड़ा पुलिस द्वारा 4 आरोपी... एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश, मंदसौर जिला पुलिस की बड़ी कार्रवाईः सीतामऊ में 110 ग्राम ए...

भारत निर्वाचन आयोग, चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाने पार्टी अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं से करेगा बातचीत, आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों से अनिराकृत मुद्दों के लिए 30 अप्रैल 2025 तक मांगे सुझाव

भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग ने कानून ढांचे के अंतर्गत चुनावी प्रक्रियाओं को और मजबूत बनाने के लिए पार्टी अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों से ईआरओ, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय स्तर पर अनिराकृत प्रकरणों की 30 अप्रैल, 2025 तक जानकारी मांगी है। आयोग ने इस संबंध में राजनीतिक दलों को व्यक्तिगत रूप से पत्र भी जारी किया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एक सम्मेलन किया गया था। जिसमें भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने सभी प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें उन्होंने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सीईओ, डीईओ और ईआरओ को राजनीतिक दलों के साथ नियमित बैठक करने और प्राप्त सुझावों पर नियमानुसार निराकरण करने के निर्देश दिए थे। आयोग ने राजनीतिक दलों से विकेंद्रीकृत जुड़ाव के इस तंत्र का सक्रिय रूप से उपयोग करने का आग्रह भी किया है ।
चुनाव प्रकिया से संबंधित 28 हितधारक हैं, जिसमें राजनीतिक दल एक प्रमुख हितधारक है। जिन्हें संविधान और वैधानिक ढांचे के तहत चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े सभी पहलुओं में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्यता दी गई है।
आयोग द्वारा राजनीतिक दलों को जारी किए गए पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951; निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960; चुनाव संचालन नियम, 1961; माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश, मैनुअल और हैंडबुक (ईसीआई वेबसाइट पर उपलब्ध) ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए एक विकेंद्रीकृत, मजबूत और पारदर्शी कानूनी ढांचा स्थापित किया है ।

Leave A Reply

Your email address will not be published.