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इंदौर विशेष न्यायालय न्यायालय ने पटवारी और बाबू को चार – चार साल की सजा सुनाई

इन्दौर । जमीन नपती करने के लिए एक लाख की रिश्वत लेते लोकायुक्त द्वारा धराएं आठ साल पुराने मामले में पटवारी और बाबू को स्पेशल कोर्ट से चार-चार साल की सजा और पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। वहीं मामले में शामिल चौकीदार के शंका का लाभ देते बरी कर दिया है। मामला महू का था। आशीषकुमार खरे वकील लोकायुक्त पुलिस के अनुसार 2015 में महू के पटवारी कमल बीसी और बाबू राजकुमार पटेल को लोकायुक्त पुलिस ने एक लाख की रिश्वत लेते ट्रैप किया था । ये लोग भगवान पटेल से उसकी जमीन की नपती करने के एवज में दो लाख रुपए की मांग रहे थे । बाद में एक लाख में सौदा तय हुआ था जिसकी शिकायत लोकायुक्त में करने के बाद लोकायुक्त की टीम ने एक लाख की रिश्वत लेते उनको पकड़ा था। चौकीदार श्याम सोलंकी की भी भूमिका मामले में सामने आई थी। जिसके चलते उसे भी बाद में आरोपी बनाया गया था । कल तीनों के खिलाफ विशेष न्यायालय इंदौर में चालान पेश किया गया था जहां न्यायालय ने पटवारी और बाबू को चार – चार साल की सजा सुनाई । वहीं सभी धाराओं में 5-5 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया। जबकि चौकीदार को शंका का लाभ दिया गया है।

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