Madhya Pradesh-पटवारियों के हड़ताल का सोमवार को आठवा दिन- नामांतरण और जाति प्रमाण पत्र जैसे 7 महत्वपूर्ण कार्य नहीं हो पा रहे
सरकार को जल्द पंचायत बुलाकर पटवारियों की 25 साल पुरानी मांग को पूरा करना चाहिए- प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह
भोपाल। मध्यप्रदेश के करीब 19 हजार पटवारी सोमवार को आठवें दिन भी हड़ताल पर हैं। वे 28 अगस्त को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। भोपाल में आज पटवारी भगवान की शरण में। इधर, मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बाघेल ने सोमवार को वीडियो जारी कर कहा कि हड़ताल पर जाने से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मंत्री गोविंद सिंह समेत प्रमुख अफसरों से मुलाकात भी की थी। फिर भी मांग पूरी नहीं हुई। इसलिए पटवारियों को हड़ताल पर जाना पड़ा।
हड़ताल पर जाने से पहले मुख्यमंत्री, मंत्री या अफसरों से नहीं मिलने की बात गलत है। प्रदेश अध्यक्ष बाघेल ने कहा कि हम 26 मई को रमेशचंद्र शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिलने गए थे। सभी साथियों के साथ मुख्यमंत्री की बात हुई थी। हमसे पंचायत बुलाकर मांगों का निराकरण करने की बात कही थी। 26 अगस्त को भोपाल में तिरंगा यात्रा निकालने से पहले भी वल्लभ भवन में रहे और अफसरों से बातचीत की। किसी ने भी पटवारियों की पंचायत बुलाने की तारीख नहीं दी। मुख्यमंत्री, मंत्री और अफसरों से मिलने के बाद जब हतोत्साहित हो गए तो हमें हड़ताल पर जाना पड़ा। सरकार को जल्द पंचायत बुलाकर पटवारियों की 25 साल पुरानी मांग को पूरा करना चाहिए।
प्रदेश में पटवारियों के हड़ताल पर जाने से नामांतरण और जाति प्रमाण पत्र जैसे 7 महत्वपूर्ण कार्य नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि, जिलों में कलेक्टरों ने वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए राजस्व निरीक्षकों को काम सौंपे हैं। बावजूद काम पर असर पड़ रहा है। पटवारियों के जिम्मे प्रमुख रूप से नामांतरण, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निर्वाचन के कार्य, फसल गिरदावरी, पीएम-सीएम पेमेंट और पुलिस के साथ घटना स्थल पर पंचनामा बनाना आदि कार्य है।
पटवारी संघ के भोपाल जिलाध्यक्ष संदीप शर्मा ने बताया, करीब 25 साल से ग्रेड-पे और प्रमोशन की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार ने ध्यान तक नहीं दिया। इसके चलते कलम बंद हड़ताल शुरू की गई है। सोमवार को आठवें दिन भी कलेक्ट्रेट के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। दोपहर बाद भगवान की शरण में जाएंगे। ताकि, सरकार पटवारियों की मांग पूरी कर दें।
मध्यप्रदेश के पटवारी चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। पहले चरण में 21 अगस्त से सभी सरकारी ग्रुप से लेफ्ट हो गए थे और ऑनलाइन काम का बहिष्कार किया था। दूसरे चरण में 23 से 25 अगस्त तक 3 दिन तक सामूहिक अवकाश पर रहे। 26 अगस्त को भोपाल में तिरंगा यात्रा निकाली गई। इसके बाद 28 अगस्त से वे सामूहिक हड़ताल पर चले गए। 4 सितंबर को भी हड़ताल पर हैं।