इंदौर। यदि हमें जिंदगी में कुछ अच्छा करना है तो उसके लिए अच्छी संगत का होना जरूरी है। आज के युवाओं में जोश बहुत है पर धैर्य की कमी है। यदि उन्हें पोस्ट चाहिए तो अपने घर के बुजुर्गों के साथ बैठना होगा। यह बात प्रवचनकार जया किशोरी ने गीता रामेश्वरम परमार्थिक न्यास द्वारा तिलक नगर उमा स्कूल परिसर में आयोजित नानी बाई रो मायरो कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुजनों को कथा का श्रवण करवाते हुए कही।
उन्होंने कहा, जब हम अच्छी संगत में रहते हैं तो हर काम अच्छे होते हैं।
कथावाचक जया किशोरी ने मीडिया से चर्चा में कथावाचकों को लेकर लोगों में अंधश्रद्धा और राजनीति के विषय पर बात की। उन्होंने कहा, भक्ति में अंधविश्वास नहीं होना चाहिए। मेरी बात भी आंख बंद कर मत सुनिए। अपना दिमाग लगाइए, चिंतन करिए। मैंने जो बोला, वह बात सही लग रही है या नहीं, उस पर अपना रिसर्च करिए फिर कुछ मानिए। किसी भी बात पर आंख पर पट्टी बांधकर विश्वास मत कीजिए। क्योंकि, आपका धर्म आपको यह नहीं सिखाता। राजनीति पर उन्होंने कहा, राजनीति में आए हैं तो धर्म के साथ रहकर काम करें।