शिक्षक दिवस पर ‘हमारे शिक्षक ऐप’ का सिस्टम गड़बड़ाया.!, स्कूल में मौजूद शिक्षकों को मिला ‘अनुपस्थित’ का मैसेज, ऑनलाईन अटेंडेंस विश्वसनीयता पर सवाल
मंदसौर। शिक्षक दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में लागू ‘हमारे शिक्षक ऐप’ की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को लेकर बड़ी तकनीकी समस्या सामने आई है। विद्यालय में उपस्थित होकर ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने के बावजूद कई शिक्षकों और लोकसेवकों के मोबाइल पर ‘अनुपस्थित’ होने का मैसेज पहुंच गया। इससे शिक्षकों में असमंजस और नाराजगी की स्थिति बन गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 5 सितंबर 2026 को कई शिक्षकों ने ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज की, लेकिन इसके बावजूद उन्हें विभाग की ओर से अनुपस्थिति का संदेश प्राप्त हुआ। एक शिक्षक को मिले मैसेज में लिखा कि “आपके द्वारा दिनांक 05/09/2026 को हमारे शिक्षक ऐप में उपस्थिति दर्ज नहीं की गई है। अनुपस्थित। – स्कूल शिक्षा विभाग (म.प्र.), सुत्रों की माने तो प्रदेशभर में सामने आई तकनीकी समस्या के चलते शिक्षकों के बीच प्रसारित जानकारी के अनुसार, यह समस्या केवल मंदसौर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश स्तर पर कई लोकसेवकों को उपस्थिति दर्ज करने के बाद भी अनुपस्थिति के मैसेज प्राप्त हुए हैं। समस्या की जानकारी की बात सामने आई है। बताया गया है कि पोर्टल की तकनीकी टीम मामले की जांच कर रही है। मध्यप्रदेश विधानसभा में भी सरकार पहले स्पष्ट कर चुकी है कि शिक्षकों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था तकनीकी कार्य से जुड़ी है। स्कूल में मौजूद शिक्षकों को मिला ‘अनुपस्थित’ का मैसेज, ऑनलाईन अटेंडेंस विश्वसनीयता पर सवाल यह है कि ऑनलाइन हाजिरी लगाने के बाद भी अगर शिक्षक ‘अनुपस्थित’ हो जाएं, तो फिर डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम की विश्वसनीयता की जिम्मेदारी किसकी?

शिक्षक दिवस पर सम्मान की जगह मिला ‘अनुपस्थित’ का संदेश
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शिक्षक विद्यालय में मौजूद थे और उन्होंने ऐप पर उपस्थिति भी दर्ज की, तो सिस्टम ने उन्हें अनुपस्थित क्यों दर्शाया? शिक्षक दिवस के दिन इस तरह के मैसेज ने विभाग की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षकों की चिंता यह भी है कि यदि तकनीकी खामी के कारण ऐप में दर्ज उपस्थिति सर्वर पर सही तरीके से सिंक नहीं हुई, तो क्या भविष्य में ऐसे शिक्षकों को अनुपस्थित मानकर वेतन या सेवा संबंधी रिकॉर्ड प्रभावित होगा? मामले में फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार तकनीकी टीम द्वारा समस्या की जांच की जा रही है। ऐसे में जिला शिक्षा विभाग के सामने सबसे जरूरी चुनौती यह है कि सभी प्रभावित शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति सुरक्षित की जाए और तकनीकी गड़बड़ी के कारण किसी शिक्षक को अनुपस्थित न माना जाए। समाचार लिखे जाने तक मंदसौर जिला शिक्षा विभाग की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि प्रदेश स्तर पर समस्या की रिपोर्ट डिपीआई् तक पहुंचने और एनआईसीएसआई टीम द्वारा जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब नजर इस बात पर है कि तकनीकी समस्या कब तक दूर होती है और 5 सितंबर को उपस्थित रहने के बावजूद अनुपस्थित दर्शाए गए शिक्षकों की उपस्थिति विभाग किस तरह दुरुस्त करता है।