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भोपाल में धर्मेंद्र प्रधान ने दिया विजन 2047 का मंत्र, खेल और शिक्षा को साथ लेकर आगे बढ़ेगा भारत, मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक

भोपाल। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को भोपाल दौरे के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। मुख्यमंत्री निवास पर हुई इस बैठक में शिक्षा, युवा विकास और कौशल संवर्धन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान का स्वागत गुलदस्ता और पारंपरिक अंगवस्त्र भेंट कर किया।

दौरे की शुरुआत में धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के तहत भोपाल के नागेश्वर महादेव मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान में भाग लिया। उन्होंने इसे जनभागीदारी की भावना का प्रतीक बताते हुए नागरिकों से स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के साथ भोपाल स्थित शूटिंग अकादमी का दौरा किया और खिलाड़ियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा खेल और कौशल विकास को दी जा रही प्राथमिकता पर प्रकाश डाला।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत खेल और शारीरिक शिक्षा को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा गया है। खिलाड़ियों की पढ़ाई और खेल गतिविधियों में संतुलन बनाए रखने के लिए विशेष शैक्षणिक व्यवस्था विकसित की जा रही है।

उन्होंने बताया कि सरकार एथलीटों की खेल उपलब्धियों और शैक्षणिक रिकॉर्ड को एपीएएआर आईडी से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है, ताकि विद्यार्थियों को खेल प्रतिभा के आधार पर भी उचित पहचान और अवसर मिल सकें।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के प्रतिष्ठित संस्थान, जिनमें आईआईटी भी शामिल हैं, खेल कोटा के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। इससे खिलाड़ियों को अपने खेल करियर और शिक्षा के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि भारत अगले दो दशकों में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2036 के ओलंपिक की मेजबानी देश की बड़ी आकांक्षा है और वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए सभी क्षेत्रों में समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।

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