ब्रेकिंग
भाजपा के तीनों राज्यसभा सांसदों ने मिला निर्वाचन प्रमाण-पत्र, विधानसभा परिसर के बाहर भाजपा का जश्न क... एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा ने किए धार्मिक आयोजन सुनिल शर्मा को चोरी के मामले मे पुलिस द्वारा राजस्थान पहुंचकर हिरासत में लिया, मंदसौर के नाकोड़ा कॉम्... नामांकन रद्द होने पर बोलीं मीनाक्षी नटराजन, संवैधानिक संस्थाओं पर अब भी है भरोसा भोपाल में कांग्रेस विधायक विपिन जैन का एक्सीडेंट, सिर और पैर में चोटें, पीएसओ भी घायल म.प्र.मे ग्राम पंचायत सचिवों के स्थानांतरण प्रस्ताव कलेक्टर के माध्यम से प्रभारी मंत्री की मंजूरी के... मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, रिटर्निंग ऑफिसर ने आदेश में बताए ये कारण 12 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आएः अमित शाह 12 साल सेवा, सुशासन और जनकल्याण को समर्पित रहेः प्रधानमंत्री मोदी सीतामऊ, भानपुरा, शामगढ़ के लापरवाह नायब तहसीलदारों पर पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना

भाजपा के तीनों राज्यसभा सांसदों ने मिला निर्वाचन प्रमाण-पत्र, विधानसभा परिसर के बाहर भाजपा का जश्न का माहौल

भोपाल। मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल एवं महेश केवट ने गुरुवार को मध्यप्रदेश विधानसभा पहुंचकर निर्वाचन पदाधिकारी से अपना निर्वाचन प्रमाण-पत्र प्राप्त किया। प्रमाण-पत्र मिलते ही विधानसभा परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक उनका स्वागत किया।

इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानीप, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने अपने तीनों उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित कराकर राजनीतिक बढ़त हासिल की है। नवनिर्वाचित सांसदों ने पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संसद में मध्यप्रदेश की आवाज को मजबूती से उठाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीके विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार राज्यसभा चुनाव के परिणामों ने प्रदेश में भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और रणनीतिक बढ़त को एक बार फिर साबित किया है।

कांग्रेस की संभावित जीत हार में बदली

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही सियासी सरगर्मियां आखिरकार भाजपा के तीनों उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत के साथ समाप्त हो गईं। वहीं कांग्रेस को उस सीट पर बड़ा झटका लगा, जिसे पार्टी अपनी सुनिश्चित जीत मानकर चल रही थी। कांग्रेस उम्मीदवारमीनाक्षी नटराजनका नामांकन निरस्त होने के बाद पार्टी किसी वैकल्पिक अथवा डमी उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतार सकी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यही रणनीतिक चूक कांग्रेस पर भारी पड़ गई और एक संभावित जीत हार में बदल गई।

Leave A Reply

Your email address will not be published.