राष्ट्र संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के सभी नागरिक देख रहे है की कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया उनके सपनो को बेरहमी से कुचल दिया गया है।
नई दिल्ली। राष्ट्र संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के सभी नागरिक देख रहे है की कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया उनके सपनो को बेरहमी से कुचल दिया गया है। हमारे भरसक प्रशस के बावजुद हम सफल नही हो पाये। नारी शक्ती वंदन अधिनियम मे संशोधन नही हो पाया। मैं इसके लिए सभी माता बहनो से क्षमा प्रार्थी हूॅ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 अप्रैल 2026 को राष्ट्र के नाम संबोधन में ’नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण बिल) के संसद में पारित न हो पाने पर देश की महिलाओं से माफी मांगी। उन्होंने विपक्ष पर ’नारी शक्ति की उड़ान’ को रोकने और स्वार्थी राजनीति के कारण आरक्षण विधेयक को विफल करने का आरोप लगाया। पीएम मोदी ने कहा भरसक प्रयास के बावजूद 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल पास न करा पाने के लिए देश की माताओं, बहनों और बेटियों से माफी मांगी।
उन्होने कहा कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा पर आरोप लगाया कि उन्होंने राजनीतिक स्वार्थ के कारण महिला सशक्तिकरण के रास्ते में बाधा डाली। उन्होंने इसे महिलाओं के हक को रोकने वाला और “नारी शक्ति की उड़ान“ को कुचलने वाला कदम बताया।
प्रधामंत्री नरेन्द्र मोदीन बताया की यह बिल महिलाओं के लिए विधायिका में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने का प्रयास था, जिसे आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस का एक ही पैटर्न रहा है, जब भी कोई सुधार आता है, तो झूठ बोलना और गलत नैरेटिव फैलाना. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इसी रवैये की वजह से भारत उन ऊंचाइयों तक नहीं पहुंच पाया, जिनका वह हकदार था. प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के समय कई देश भारत के साथ स्वतंत्र हुए थे, लेकिन वे आज हमसे आगे निकल गए. कांग्रेस ने हर सुधार को रोकने की कोशिश की और भारत के विकास को बाधित करके रखा।