शासन द्वारा घोषित आबकारी नीति के अनुसार कम्पोजिट मदिरा दुकानों के ऑन लाईन ई-टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई-टेण्डर कम ऑक्शन) के माध्यम से निष्पादन किया जाना है। 2025-26 में धार्मिक स्थल वाले जिले उज्जैन में 20.73 प्रतिशत, मंदसौर में 15.55 प्रतिशत अधिक मूल्य पर गए।
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2025-26 में धार्मिक स्थल वाले जिले उज्जैन में 20.73 प्रतिशत मंदसौर में 15.55 प्रतिशत अधिक मूल्य पर गए।
मध्य प्रदेश शासन स्तर पर नई शराब नीति वर्ष 2026-27 के लिए शराब बिक्री ई-टेंडर के माध्यम से ठेकों का निष्पादन होगा।
पिछले वर्ष मध्यप्रदेश के जिन धार्मिक और पवित्र शहरों में शराब बिक्री पर प्रतिबंध लागू है, वहां भी ठेकों की राशि में काफी बढ़ोतरी हुई है। विधानसभा में दिए गए एक लिखित उत्तर में यह तथ्य सामने आया कि 19 पवित्र क्षेत्रों वाले 6 जिलों में अप्रैल 2025 से शराब बिक्री बंद होने के बावजूद 2025-26 में ठेकों की राशि 18.96 प्रतिशत बढ़़ गई। पन्ना में यह वृद्धि 28.13 प्रतिशत सतना में 15.95 प्रतिशत और उज्जैन में 20.73 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि प्रदेश की कुल आबकारी आय में 8 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
यह जानकारी उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने विधायके प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न के उत्तर में दी। देवड़ा ने बताया कि ई-टेंडर के माध्यम से ठेकों का निष्पादन होने से अधिक मूल्य प्राप्त हुआ, इसी कारण प्रतिबंध के बावजूद राशि बढ़ी। जिन धार्मिक नगरों में शराब की बिक्री बंद की गई थी, उनके राजस्व की भरवाई के लिए आसपास के क्षेत्र में स्थित शराब दुकानों में राजस्व का लक्ष्य जोड दिया गया था।
पन्ना में सर्वाधिक 20 प्रतिशत अधिक मूल्य मिले
जवाब के मुताबिक 2025-26 में जब शराब दुकानों की नीलामी हुई तो धार्मिक स्थल वाले जिलों में से पन्ना में सबसे अधिक 28.13 प्रतिशत उज्जैन में 20.73 प्रतिशत, बैतूल में 18.45 प्रतिशत, सतना में 15.95 प्रतिशत, मंदसौर में 15.55 प्रतिशत और दतिया में शराब के ठेके 14.73 प्रतिशत अधिक मूल्य पर गए। उज्जैन में 2024-25 में शराब के ठेके 526 करोड़ में हुए थे, जो 2025-26 में बढ़कर 635 करोड़ में गए।
आलीराजपुर में शराब की जोरदार खपत
इसी उत्तर में शराब खपत से जुड़े चौंकाने वाले आंकड़े भी सामने आए। आलीराजपुर जिले में 2024-25 के दौरान विदेशी मदिरा और बीयर की खपत 2020-21 की तुलना में 1325 प्रतिशत और 2023-24 की तुलना में 1050 प्रतिशत बढ़ गई। जहां 2020-21 में खपत 66.73 लाख बल्क लीटर थी, वह 2024-25 में बढ़कर 8.80 करोड़ बल्क लीटर पहुंच गई। आलीराजपुर की सीमा शराबबंदी वाले गुजरात के छोटा उदयपुर और दाहोद से सटा हुआ है। प्रदेश स्तर पर देखें तो देशी शराब (मसाला और प्लेन) की खपत 13.31 करोड़ बल्क लीटर से बढ़कर 22.21 करोड़ बल्क लीटर हो गई यानी 67 प्रतिशत की वृद्धि। विदेशी मदिरा-बीयर की खपत भी 13.67 करोड़ से बढ़कर 23.63 करोड़ बल्क लीटर हो गई, जो 73 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। कुल मिलाकर शराब की खपत 26.97 करोड़ से बढ़कर 45.81 करोड़ बल्क लीटर हो गई।
मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति के तहत सभी शराब दुकानों का निष्पादन ई-टेंडर/ई-ऑक्शन से करने का निर्णय लिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। जिसमे नई दुकाने नही खोली जायेगी। C@NEWS