बालाघाट जिले के तहसील कार्यालय बिरसा में पदस्थ बाबू लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने 3 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा
भोपाल। मध्य प्रदेश, बालाघाट जिले के तहसील कार्यालय बिरसा में पदस्थ बाबू राजकुमार रामटेके को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। रिश्वतखोर बाबू राजकुमार रामटेके के खिलाफ संतोष ढेकवार नाम के युवक ने लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में फरियादी संतोष ढेकवार ने बताया था कि उसके खिलाफ जेल में बंद एक आरोपी ने फर्जी तरीके से जमीन बेचने का एक झूठा केस दर्ज कराया था। इसी केस के संबंध में जब वो बाबू राजकुमार रामटेके से मिला तो उन्होंने 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगते हुए कहा कि पैसे दोगे तो केस खत्म करा दूंगा।
फरियादी संतोष ने खुद के बाबू राजकुमार रामटेके से खुद के निर्दोष होने की बात कहते हुए किसी तरह से सौदा 3 हजार रुपये में तय किया। लोकायुक्त की टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर 11 दिसंबर दिन गुरुवार को रिश्वत के तीन हजार रुपये देने के लिए फरियादी संतोष ढेकवार को रिश्वतखोर बाबू राजकुमार रामटेके के पास भेजा। बाबू ने रिश्वत की रकम देने के लिए तहसील कार्यालय के बाहर चाय की टपरी पर बुलाया और वहां पर जैसे ही रिश्वत की रकम ली तो लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों धरदबोचा।