सफेद वरना कार से बाहरी तस्कर को डोड़ाचुरा देने के लिए गुराडिया देदा खड़े थे, नारकोटिक्स सेल ने धरदबोचा, कोर्ट ने सुनाई 10 वर्ष की सजा
मंदसौर। विशेष न्यायाधीश, एन.डी.पी.एस. कोर्ट मंदसौर द्वारा आरोपी हीरासिंह आत्मज भेरूसिंह गौड़, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम चांगली, पुलिस थाना नई आबादी, तहसील व जिला-मंदसौर को अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा की तस्करी करने के अपराध में दोषी पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1 लाख रूपये जुर्माने से दण्डित किया।
अभियोजन मीडिया प्रभारी बलराम सौलंकी द्वारा घटना के संबंध में बताया कि 30 अक्टूबंर 2025 को थाना नारकोटिक्स सेल इंदौर प्रकोष्ट मंदसौर के निरीक्षक प्रकाश गाडरिया को दोपहर 12ः40 बजे मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि हीरासिंह व उसका साथी राहुल अपनी सफेद कलर की वरना कार क्रमांक एम.पी.-14-सी.बी.-1800 में अवैध डोडाचूरा लेकर गुराडिया देदा फंटा मंदसौर-नीमच रोड पर किसी बाहरी तस्कर को देने के लिए खडे है। उक्त सूचना विश्वसनीय होने से मय फोर्स मुखबिर द्वारा बताये स्थान पर पहुंचे जहां सफेद कलर की वरना कार क्रमांक एम.पी.-14-सी.बी.-1800 खडी दिखी थी, जिसमें एक चालक की सीट पर एवं एक चालक के पास व्यक्ति बैठा था। व्यक्ति मुखबिर द्वारा बताये हुलिये के दिखे जिन्हें फोर्स की मदद से रोककर नाम पता पूछने पर चालक की सीट पर बैठे व्यक्ति ने अपना नाम राहुल एवं उसके पास बैठे व्यक्ति ने अपना नाम हीरासिंह बताया।
उक्त व्यक्तियों को मुखबिर सूचना से अवगत कराकर तलाशी ली गई जिसमें उनकी कार के पिछे की डिक्की में 6 जूट के एवं 1 सफेद प्लास्टिक का मटमेला बोरा कुल 7 बोरे मिले, जिनका मुंह सुथली से सिला हुआ था, जिसमें डोडाचूरा जैसा पदार्थ भरा हुआ था। उक्त सभी बोरों को कार से उतारकर खोलकर देखने पर अफीम का डोडेचूरा होना पाया गया। अभियुकतगण से उक्त मादक पदार्थ के परिवहन व आधिपत्य के संबंध में लाईसेंस के बारे में पूछने पर उसने नहीं होना बताया, डोडाचूरा का वजन करने पर कुल 168 किलोग्राम डोडाचूरा होना पाया गया। अभियुक्तगण को मौके पर से गिरफतार कर गिरफतारी पंचनामा तैयार किया गया। कार्यवाही उपरांत थाना वापसी पर अपराध क्रमाक 10/2015 पर प्रथम सूचना लेखबद्व की गयी। अपराध के संपूर्ण अनुसंधान उपरांत आरोपीगण के विरूद्व संबंधित न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया जहां प्रकरण के संपूर्ण विचारण उपरांत 30 जुलाई 2025 को आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1 लाख रूपये के अर्थदंड से दंडित किया गया, अर्थदंड की राशि अदा ना करने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त व्यतिक्रम के कारवास से दंडित किये जाने का आदेश दिया गया।