ग्वालियर में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा बाढ़ में एक पेड़ पर चढ़े सांप, मेंढ़क और बंदर, कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा-आप जब हमें सांप कहेंगे तो जनता हमें भगवान शिव का कंठहार समझेगी। जब आप हमें बंदर कहेंगे तो जनता हमें भगवान राम की वह वानर सेना समझेगी
भोपाल। चुनाव से पहले जनता भी राजनेताओं के भाषण एवं बयानों को लेकर पशोपेश मे है। विपक्षियों की बैठक पर सीएम शिवराजसिंह चौहान ने करारा व्यंग्य किया है। उन्होंने मजबूरी का दूल्हा और नकली बाराती कहकर इस बैठक और विपक्षी एकता की हंसी उड़ाई। इतना ही नहीं, उन्होंने विपक्षियों को मेंढक, सांप और बंदर तक कह डाला। सीएम शिवराज सिंह के इस बयान पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व सीएम कमलनाथ गुस्सा उठे हैं। उन्होंने कहा कि शिवराज ने मर्यादा तार तार कर दी।
https://twitter.com/ChouhanShivraj/status/1672507640617013248?s=20बाढ़ में एक पेड़ पर चढ़े सांप, मेंढ़क और बंदर
ग्वालियर में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा- जब भारी बाढ़ आती है तो अपनी जान बचाने के लिए कई जीव जंतु एक पेड़ पर बैठ जाते हैं। एक ही पेड़ पर आप देखेंगे मेंढक भी है, सांप भी है, बंदर भी है क्योंकि नीचे बाढ़ का पानी है। नरेन्द्र मोदी के समर्थन और लोकप्रियता की ऐसी बाढ़ है कि सब एक पेड़ पर चढ़ने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन मोदी जी दुनिया के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता है। अब काठ की हांडी बार-बार थोड़ी ना चढ़ती है। कितनी भी एकता कर ले कुछ भी नहीं होने वाला।

कमलनाथ का जवाब- स्तरहीन भाषा का प्रयोग कर रहे शिवराज।
सीएम के बयान पर पीसीसी चीफ कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा- शिवराज जी, आज आपने एक बार फिर राजनीति में शब्दों की मर्यादा तार-तार कर दी। आपने विपक्ष को सांप, मेंढक और बंदर कहा। पिछले कई दिन से आप रह-रह कर अपशब्दों और स्तरहीन भाषा का प्रयोग कर रहे हैं।आपकी यही भाषा और यही भावना जनता में आपके प्रति नफरत पैदा कर रही है। आप जब हमें सांप कहेंगे तो जनता हमें भगवान शिव का कंठहार समझेगी। जब आप हमें बंदर कहेंगे तो जनता हमें भगवान राम की वह वानर सेना समझेगी जिसने रावण की पाप की लंका ध्वस्त कर दी थी।आप गाली-गलौज करते रहिए लेकिन हम सत्य और मर्यादा का रास्ता नहीं छोड़ेंगे। साथ ही ईश्वर से प्रार्थना करेंगे कि आपको सद्बुद्धि और सहिष्णुता दे।
