भोपाल मे जनपद सदस्यों का आंदोलन- 20 हजार रुपये प्रति माह मानदेय, 25 लाख विकास निधि का प्रावधान, सदस्यों की अनुशंसा पर विकास कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति हो
भोपाल। विधानसभा चुनाव से पहले जनपद सदस्य भी आंदोलन की राह पर चल पड़े हैं। भोपाल के अंबेडकर मैदान में रविवार को सैकड़ों की संख्या में जुटे जनपद सदस्यों ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रांतीय जनपद सदस्य संघ के प्रदेशाध्यक्ष देवेंद्र चौधरी ने बताया कि सरकार लंबे समय से जनपद सदस्यों की मांगों को अनसुना कर रही है। यही कारण है कि अब तक सरकार ने ज्ञापन के जरिए पहुंचाई गई मांगों पर विचार मंथन तक नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुई तो सर्वसम्मति से निर्णय लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। साथ ही पंचायत के काम भी ठप की जाएंगे।
प्रांतीय जनपद सदस्य संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 10 सूत्रीय मांगों को लेकर संगठन ने कई बार सरकार से पत्राचार किया। इसके बाद भी सरकार ने न मांगे को लेकर चर्चा की न ही किसी भी प्रकार का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि पंचायती राज अधिनियम एक्ट 1993 में जनपद सदस्यों के अधिकार वापस दिए जाने की मांग प्रमुख है। इसके अलावा, 20 हजार रुपये प्रति माह मानदेय, जनपद सदस्यों को 25 लाख विकास निधि का प्रावधान, जनपद सदस्यों की अनुशंसा पर विकास कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति समेत अन्य मांग प्रमुख हैं।
इन मांगों को लेकर कर रहे आंदोलन
– पंचायती राज अधिनियम एक्ट 1993 में जनपद सदस्यों को जो अधिकार दिया गया वही अधिकार पुनः वापस दिया जाए।
– जनपद सदस्यों का मानदेय 1 हजार 500 रुपये वर्तमान मानदेय को 20 हजार रुपये प्रति माह किया जाए।
– प्रत्येक जनपद अध्यक्ष का मानदेय 50 हजार और उपाध्यक्षों का मानदेय 35 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए।
– प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं जनपद में जनपद सदस्य के बैठक व्यवस्था भी की जाए।
– जनपद सदस्य के लिखित अनुशंसा पर विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति का प्रावधान किया जाए।
– जनपद की कार्य और योजना में नाम जोड़ने के अधिकार का प्रावधान।
– ग्राम पंचायत कार्याे पर जनपद सदस्यों की अनुशंसा की अनिवार्यता का प्रावधान।
– जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा और अलग-अलग निधियों से होने वाले कामों में जनपद सदस्य की अनुशंसा अनिवार्य की जाए।
– जनपद अध्यक्षों विकास निधि के रूप में 1 करोड़ रुपये, स्वेच्छा अनुदान 25 लाख रुपये का प्रावधान किया जाए।
– जनपद उपाध्यक्षों को 50 लाख रुपये विकास निधि और 10 लाख स्वेच्छा अनुदान निधि का प्रावधान।
– जनपद सदस्यों को 25 लाख रुपये विकास निधि और स्वेच्छा निधि के लिए 5 लाख का प्रावधान किया जाए।
जनपद सदस्यों के प्रदेश स्तरीय आंदोलन को समर्थन देने कांग्रेसी विधायक और आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी भी पहुंचे। साथ ही सरकार में आने के बाद मांगों को तत्काल मांग पूरी करने का मंच से आश्वासन भी दिया।