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बांछड़ा और बेड़िया परंपरा की बहनें नहीं बन पा रहीं लाड़ली, आयोग ने लिया संज्ञान

भोपाल। मध्यप्रदेश में’ इन दिनों लाड़ली बहना योजना के लिये जोर-शोर से महिलाओं का पंजीयन कार्य चल रहा है, लेकिन प्रदेश के 10-11 जिलों में हजारों बहने ऐसी भी हैं, जिन्हें लाड़ली की पात्रता ही नहीं मिल पा रही है। बांछड़ा, बेड़िया और सांसी समुदाय की इन महिलाओं के पास समग्र आईडी तो है, लेकिन उसमें पति का नाम नहीं है। सिर्फ इसी वजह से उन्हें लाड़ली बहना योजना की पात्रता नहीं मिल पा रही है। मंदसौर-नीमच जिले में ही ऐसी महिलाओं की संख्या करीब दस हजार है। इन समाजों की महिलाओं ने जिलाधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाया है। अधिकारी कहते हैं कि शासन से मार्गदर्शन मांगा है, समाधान जरूर निकल आयेगा। मप्र मानव अधिकार आयोग ने मामले में संज्ञान लेकर ’प्रमुख सचिव, मप्र शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, मंत्रालय, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में एक माह में जवाब मांगा है, ताकि ऐसी सभी पात्र महिलाओं को भी लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल सके।

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