मकान बेचने के नाम पर धोखाधड़ी, महिला को 3 साल की सजा / न्यायालय ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, एक ही मकान का अलग-अलग लोगों से किया था सौदा
मंदसौर। मकान बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मंदसौर, श्री उत्कर्ष राज सोनी ने आरोपिया संगीता पति मांगुदास बैरागी (54), निवासी कोठारी कॉलोनी, मंदसौर को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
अभियोजन मीडिया प्रभारी बलराम सोलंकी ने प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि 8 अप्रैल 2022 को फरियादी देवेंद्र सांखला ने थाना शहर कोतवाली मंदसौर में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, संगीता बैरागी कोठारी नगर स्थित अपना तीन मंजिला मकान बेच रही थी। फरियादी को मकान की आवश्यकता होने पर दोनों के बीच 25 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।
अनुबंध के अनुसार, चार लाख रुपये अग्रिम राशि के रूप में तथा शेष 21 लाख रुपये रजिस्ट्री के समय देना तय हुआ था। फरियादी ने विक्रय अनुबंध तैयार कर चार लाख रुपये का चेक संगीता बैरागी को दिया। साथ ही, छह माह के भीतर मकान की रजिस्ट्री कर शेष राशि प्राप्त करने और मकान का कब्जा सौंपने की शर्त तय हुई थी।
एक ही मकान का दूसरे पक्ष से भी किया सौदा
अभियोजन के अनुसार, करीब दो माह बाद जब देवेंद्र सांखला मकान की रजिस्ट्री कराने के लिए संगीता बैरागी के पास पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि उक्त मकान का सौदा उनकी जानकारी के बिना पुष्पा सांखला पति राजेंद्र सांखला के साथ 30 लाख रुपये में कर दिया गया था। इस सौदे के लिए तीन लाख रुपये नकद प्राप्त कर अलग से विक्रय अनुबंध किए जाने की बात भी सामने आई। जांच के दौरान यह भी पता चला कि मकान की दूसरी मंजिल पर स्थित दो कमरे, रसोईघर और लेट-बाथ चेतन सोनी के पास तीन लाख 20 हजार रुपये में गिरवी रखे गए थे। आरोप था कि मकान के संबंध में अलग-अलग लोगों से सौदे कर रकम प्राप्त की गई, जिससे संबंधित लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई।
पुलिस ने दर्ज किया था मामला
फरियादी की शिकायत पर थाना शहर कोतवाली मंदसौर में अपराध क्रमांक 203/2022 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406 और 34 में प्रकरण दर्ज किया गया। आवश्यक विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया।
प्रकरण में शासन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती भारती चौहान ने पैरवी की। न्यायालय ने आरोपिया को दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।