किसान हितैषी अफीम नीति 2026-27 जारी होने पर सांसद सुधीर गुप्ता ने किसानों को दी बधाई / पात्र किसानों को मिलेगा 10 आरी तक खेती का लाइसेंस, अगले साल के लिए 5.9 किलो मॉर्फिन उपज की शर्त
मंदसौर। मध्यप्रदेश, मंदसौर संसदीय क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता ने अफीम नीति 2026-27 समय पर जारी होने पर क्षेत्र के सभी अफीम उत्पादक किसान भाइयों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
सांसद सुधीर गुप्ता ने अफीम उत्पादक किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीति जारी करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं वित्त राज्य मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसान हितैषी अफीम नीति जारी किया जाना किसानों के हितों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि नई अफीम नीति किसानों की समस्याओं के समाधान, उनके हितों की रक्षा तथा कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही उन्होंने सभी अफीम उत्पादक किसान भाइयों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि नीति से किसानों को लाभ मिलेगा।
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अफीम नीति 2026-27ः पात्र किसानों को मिलेगा 10 आरी तक खेती का लाइसेंस, अगले साल के लिए 5.9 किलो मॉर्फिन उपज की शर्त
पुराने पट्टाधारी किसानों और मृतक पात्र किसानों के वारिसों के लिए भी प्रावधान; सीबीएन पोर्टल पर जारी होगी पात्रता सूची
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग की ओर से जारी बताई गई अधिसूचना में अफीम फसल वर्ष 2026-27 के लिए लाइसेंस संबंधी शर्तों का उल्लेख किया गया है। इसमें पात्र किसानों को 0.10 हेक्टेयर यानी 10 आरी भूमि पर अफीम पोस्त की खेती का लाइसेंस देने, न्यूनतम अहर्तक उपज तथा पुराने लाइसेंसधारी किसानों की पात्रता के संबंध में प्रावधान किए गए हैं। फसल वर्ष 1 अक्टूबर 2026 से 30 सितंबर 2027 तक निर्धारित बताया गया है।
4.4 किलो मॉर्फिन उपज वाले किसानों को पात्रता
दी गई अधिसूचना के अनुसार, फसल वर्ष 2025-26 में अफीम की खेती करने वाले किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर औसतन 4.4 किलोग्राम मॉर्फिन की न्यूनतम अहर्तक उपज का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, निर्धारित शर्तों के अंतर्गत पिछले वर्षों में पूरी फसल की जुताई करने वाले कुछ किसान, लाइसेंस अस्वीकृति के विरुद्ध अपील में सफल किसान और मृतक पात्र किसानों के नामित व्यक्ति अथवा कानूनी वारिस भी लाइसेंस के लिए पात्र हो सकते हैं।
एक भूखंड में मिलेगा 10 आरी का लाइसेंस
नीति में पात्र किसानों को एक ही भूखंड में 0.10 हेक्टेयर क्षेत्र का लाइसेंस देने का प्रावधान बताया गया है। यह भूखंड एक से अधिक राजस्व खसरा नंबरों में फैला हो सकता है। किसान चाहें तो निर्धारित क्षेत्र पूरा करने के लिए दूसरे की भूमि पट्टे पर ले सकते हैं। लाइसेंस प्राप्त क्षेत्र से वास्तविक खेती का रकबा 5 प्रतिशत तक अधिक होने पर नियमानुसार छूट दी जा सकती है।
अवैध खेती और नियमों के उल्लंघन पर अपात्रता
अधिसूचना में लाइसेंस के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें भी रखी गई हैं। अवैध अफीम खेती, संबंधित कानून के तहत सक्षम न्यायालय में अपराध के लिए आरोपित होने तथा फसल वर्ष 2025-26 में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो या नारकोटिक्स आयुक्त के विभागीय निर्देशों का उल्लंघन करने वाले किसानों की पात्रता प्रभावित हो सकती है। लाइसेंस जारी करने का अंतिम निर्णय संबंधित सक्षम अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में रहेगा।
2027-28 की पात्रता के लिए 5.9 किलो मॉर्फिन जरूरी
अगले फसल वर्ष 2027-28 के लिए भी किसानों को अभी से सावधान रहने की जरूरत है। अधिसूचना के अनुसार, फसल वर्ष 2026-27 में प्रति हेक्टेयर 5.9 किलोग्राम मॉर्फिन की न्यूनतम अहर्तक उपज देना आवश्यक होगा। हालांकि, केवल उपज पूरी करना ही पर्याप्त नहीं होगा; किसान को अन्य निर्धारित पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेजों की व्यवस्था
पात्र किसानों के नाम केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की वेबसाइट और ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए जाने का प्रावधान है। किसानों को निर्धारित समय-सीमा में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मौजूदा लाइसेंसधारियों को पहले से उपलब्ध दस्तावेज दोबारा जमा नहीं करने होंगे, लेकिन पिछले वर्ष की जानकारी में बदलाव होने पर संबंधित विवरण देना आवश्यक होगा।
किसानों को सलाह है कि वे अपनी पात्रता, उपज, पिछले लाइसेंस और आवेदन की समय-सीमा के संबंध में जिला अफीम अधिकारी से जानकारी प्राप्त करें।
महत्वपूर्ण संपादकीय नोट.- प्रकाशन से पहले अधिसूचना के मूल ई-राजपत्र और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट से इसकी पुष्टि अवश्य करें। उपलब्ध आधिकारिक वेबसाइट पर अभी 2025-26 की नीति प्रदर्शित हो रही है; इसलिए प्रस्तुत 2026-27 की अधिसूचना के विवरण को स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना जरूरी है।


