ब्रेकिंग
एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश, मंदसौर जिला पुलिस की बड़ी कार्रवाईः सीतामऊ में 110 ग्राम ए... स्मार्ट मीटर के विरोध में चक्का जाम, उपभोक्ताओं ने सड़क पर रखे मीटर नशे से दूरी है जरूरी अभियान 2.0 के अंतर्गत मंदसौर जिला पुलिस अधिक्षक विनोद कुमार मीना के दिशा निर्दे... मध्यप्रदेश, पूरे देश का इकलौता राज्य है, जो 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले मेधावी विद्यार्थि... गुरु पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं, सीएम डॉ. मोहन यादव ने ... नवागत कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने भगवान पशुपतिनाथ के किए दर्शन, मंदसौर में हुआ स्वागत भारतीय डाक विभाग के र्कचारी पर अमानत में खयानत का आरोप, सीतामऊ पुलिस ने दर्ज किया मामला अवैध शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार, पिपलिया मंडी पुलिस की कार्रवाई अवैध शराब के खिलाफ मंदसौर जिले में पुलिस की कार्रवाई, छह आरोपी गिरफ्तार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मनोज तिवारी का बयान, कहा- छात्र हित में उठाए गए कदम के लिए धन्यवाद

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, रिटर्निंग ऑफिसर ने आदेश में बताए ये कारण

भोपाल। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा द्वारा निरस्त कर दिया गया है। सोमवार को जारी आदेश में नामांकन निरस्त करने के विस्तृत कारणों का उल्लेख किया गया है।

आदेश के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन के विरुद्ध एक न्यायालयीन प्रकरण लंबित है, जिसमें उन्हें प्रतिवादी बनाया गया है। संबंधित मामले में न्यायालय द्वारा समन जारी किया गया था और उन्होंने स्वयं न्यायालय में जवाब दावा भी प्रस्तुत किया था। इसके बावजूद नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए गए फॉर्म-26 (शपथ पत्र) में इस प्रकरण का उल्लेख नहीं किया गया।

रिटर्निंग ऑफिसर ने अपने आदेश में कहा है कि—

  • अभ्यर्थी द्वारा शपथ पत्र में लंबित न्यायालयीन प्रकरण की जानकारी नहीं दी गई।
  • न्यायालय द्वारा मामले में संज्ञान लिया जा चुका था और समन भी जारी किया गया था।
  • अभ्यर्थी को प्रकरण की जानकारी होने के पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध थे, क्योंकि उन्होंने न्यायालय में जवाब दावा प्रस्तुत किया था।
  • अधूरा एवं अपूर्ण शपथ पत्र प्रस्तुत करना निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लंघन माना गया।
  • मतदाताओं को उम्मीदवार के संबंध में पूर्ण जानकारी उपलब्ध न कराना तथ्यों को छिपाने की श्रेणी में पाया गया।

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 सहित अन्य धाराएं दर्ज हैं, जिनमें दंड का प्रावधान है। रिटर्निंग ऑफिसर ने निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों एवं रिटर्निंग ऑफिसर हैंडबुक के प्रावधानों का हवाला देते हुए नामांकन पत्र निरस्त करने की कार्रवाई की।

नामांकन रद्द होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने इसे नियमों के अनुरूप कार्रवाई बताते हुए स्वागत किया है, जबकि कांग्रेस ने फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया है।

Image

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त, भाजपा ने कहा- न्याय की जीत मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

 मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे नियमों और निर्वाचन प्रक्रिया की जीत बताया है।

प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह “न्याय की जीत” है और भाजपा उम्मीदवार महेश केवट को कार्यकर्ताओं तथा जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है। उन्होंने दावा किया कि यदि चुनाव होता तब भी भाजपा उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित थी।

विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा को जो दस्तावेज प्राप्त हुए, वे कांग्रेस के भीतर से ही उपलब्ध कराए गए थे। उन्होंने इसे कांग्रेस की आंतरिक स्थिति का संकेत बताते हुए कहा कि पार्टी के भीतर ही असंतोष दिखाई दे रहा है।

गौरतलब है कि भाजपा द्वारा महेश केवट को तीसरे उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारने के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई थीं। वहीं रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के बाद चुनावी समीकरणों में बड़ा बदलाव आ गया है।

भाजपा इस घटनाक्रम को अपनी रणनीतिक सफलता मान रही है, जबकि कांग्रेस ने फैसले पर आपत्ति जताते हुए आगे की कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई के संकेत दिए हैं। राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में अब नया मोड़ आ गया है।

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर कमलनाथ का हमला, बोले- लोकतंत्र और संविधान पर प्रहार

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस कार्रवाई को पूरी तरह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक बताते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

कमलनाथ ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी देश में लोकतंत्र और संविधान की भावना को कमजोर करने का काम कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष करेगी और न्याय के लिए लोकतांत्रिक एवं कानूनी लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने इसे केवल एक उम्मीदवार का मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा विषय बताया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.