बाल संरक्षण और महिला सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, योजनाओं की समीक्षा में दिए कड़े निर्देश] मिशन वात्सल्य एवं मिशन शक्ति की बैठक में मंदसौर अपर कलेक्टर एकता जायसवाल ने कहा— पात्र हितग्राहियों तक हर हाल में पहुंचे योजनाओं का लाभ
मंदसौर। मध्यप्रदेश, मंदसौर जिले में बाल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित मिशन वात्सल्य अंतर्गत जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा मिशन शक्ति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए।
बैठक में स्पॉन्सरशिप योजना, मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना, आफ्टर केयर योजना और पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। वहीं मिशन शक्ति के तहत संचालित महिला हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली का भी मूल्यांकन किया गया।
अपर कलेक्टर ने बाल देखरेख संस्था ष्अपना घरष् में निवासरत बच्चों की शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं को लेकर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए नियमित अध्ययन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दत्तक ग्रहण के लिए विधिमुक्त बच्चों के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा बच्चों के सभी जरूरी दस्तावेज निर्धारित समय-सीमा में तैयार कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण और महिला सुरक्षा केवल सरकारी योजनाएं नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी हैं। इसके लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे, ताकि कोई भी पात्र बच्चा या महिला योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, जिला श्रम अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला खेल अधिकारी, आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक, जिला योजना अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु
मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति योजनाओं की त्रैमासिक समीक्षा।
बाल देखरेख संस्था ष्अपना घरष् के बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर।
दत्तक ग्रहण प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश।
महिला हेल्पलाइन एवं वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली की समीक्षा।
सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश।
बाल अधिकारों की सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण को लेकर प्रशासन की यह सक्रियता जिले में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।