आबकारी नीति का कड़ाई से पालन कराएं कलेक्टर, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई : उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा
भोपाल। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को वर्ष 2026-27 की नई आबकारी नीति का जमीनी स्तर पर सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध रूप से संचालित शॉप बार, निर्धारित समय सीमा का उल्लंघन, ओवर रेटिंग तथा अन्य अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आबकारी नियमों की अनदेखी करने वाले मदिरा ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। शासन की मंशा है कि राजपत्र में प्रकाशित प्रावधानों का पूर्णतः पालन हो और शराब बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
अवैध अहातों पर चलेगा अभियान
श्री देवड़ा ने बताया कि प्रदेश की सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानों को पूर्णतः ‘ऑफ श्रेणी’ घोषित किया गया है। इसके तहत दुकान परिसर या उसके आसपास मदिरा सेवन की किसी भी प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराना प्रतिबंधित है। शिकायत मिलने पर विशेष दल गठित कर औचक निरीक्षण किए जाएंगे तथा अवैध अहातों एवं उपभोग स्थलों को तत्काल बंद कराया जाएगा।
समय सीमा उल्लंघन पर संयुक्त कार्रवाई
उन्होंने कहा कि निर्धारित समय से पहले दुकान खोलने या तय समय के बाद देर रात तक शराब बेचने के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। इसके लिए पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें नियमित गश्त कर कार्रवाई करेंगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।
ओवर रेटिंग रोकने के लिए क्यूआर कोड व्यवस्था
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों को रोकने के लिए प्रत्येक मदिरा दुकान पर विक्रय दरों का स्पष्ट प्रदर्शन अनिवार्य किया गया है। साथ ही शराब की वास्तविक कीमत की जांच के लिए दुकानों पर क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे, जिससे उपभोक्ता स्वयं दरों का सत्यापन कर सकें।
उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेचने वाले ठेकेदारों के खिलाफ भारी जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पवित्र नगरों में अवैध बिक्री पर रहेगी कड़ी निगरानी
श्री देवड़ा ने कहा कि प्रदेश के पवित्र घोषित नगरों एवं क्षेत्रों में शराब की अवैध बिक्री और परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में पहले से लागू प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराया जाएगा तथा निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।
