ब्रेकिंग
आगर-मालवा में पटवारी 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार स्मार्ट मीटरों से बढ़े बिलों पर मंदसौर शहर में भड़का जनाक्रोश, नागरिकों ने दी आंदोलन की चेतावनी राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने फिर चौंकाया, संगठन के सिपाही रजनीश अग्रवाल को बनाया उम्मीदवार कांग्रेस पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया : संक्षिप्त परिचय भोपाल में आंधी-अंधड़ से चरमराई बिजली व्यवस्था, बहाली के लिए युद्ध स्तर पर जुटी टीमें मध्य प्रदेश के भोपाल-ग्वालियर समेत 40 जिलों में होगी झमाझम बारिश महिला किसान की जमीन के नामांतरण के बदले रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, लोकायुक्त की कार्रवाई "मंदसौर वन विभाग में लोकायुक्त का शिकंजा: 3 हजार की रिश्वत लेते स्थापना शाखा प्रभारी रंगे हाथ गिरफ्त... प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक हर व्यक्ति को पक्का घर उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन आज भी बड़ी सं... ‘जल मंदिर का शुभारंभ, विश्व तंबाकू नियंत्रण दिवस मनाया, मंदसौर कलेक्टर की समीक्षा बेठक सम्पन्न

इंदौर मे रिकॉर्ड वोटों से जीतने वाले विधायक के क्षेत्र में जल संकट, ‘पानी दो’ के नारों से गूंजा विधानसभा-2, दूषित पानी और टैंकरों पर निर्भरता से जनता परेशान, भीषण गर्मी में स्वच्छ पेयजल की मांग को लेकर सड़को पर आऐ रहवासी

इंदौर। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-2 में पानी की किल्लत और दूषित जलापूर्ति को लेकर जनता का गुस्सा सड़कों पर दिखाई देने लगा है। लगातार चार बार भारी मतों से निर्वाचित विधायक रमेश मेंदोला के क्षेत्र में नागरिकों को आज भी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच कई इलाकों में लोग स्वच्छ पेयजल के लिए परेशान हैं और “पानी दो” के नारों के साथ विरोध दर्ज करा रहे हैं।

लाहूजी नगर, भागीरथपुरा सहित कई क्षेत्रों में दूषित पानी की शिकायतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रहवासियों का आरोप है कि नियमित जलापूर्ति नहीं होने से उन्हें टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि वर्षों से जनप्रतिनिधियों को समर्थन देने के बावजूद जल समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

बढ़ते जल संकट को देखते हुए विधायक रमेश मेंदोला, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम अधिकारियों ने आपात बैठक कर प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त टैंकर भेजने और जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं। हालांकि नागरिकों का कहना है कि अस्थायी उपायों के बजाय पाइपलाइन विस्तार और स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

जनता का मानना है कि विकास के बड़े दावों के बीच यदि लोगों को पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए आंदोलन करना पड़े, तो यह प्रशासन और जनप्रतिनिधियों दोनों के लिए गंभीर चेतावनी है। जल संकट को लेकर बढ़ता जनाक्रोश अब राजनीतिक और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

निगम के टैंकरों से मुफ्त सप्लाई

नगर निगम का कहना है कि भूजल स्तर गिरने और आधे से ज्यादा बोरिंग सूखने के कारण संकट बढ़ा है। इससे निपटने के लिए नर्मदा परियोजना की टंकियों से सप्लाई के साथ-साथ 616 किराए के और 79 नगर निगम के टैंकरों से निशुल्क पानी वितरित किया जा रहा है।

नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई ड्राइवर, क्लीनर या अन्य व्यक्ति पानी के बदले पैसे मांगता है, तो इसकी शिकायत 9244998811, कंट्रोल रूम नंबर 8889855520 या 311 ऐप पर करें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.