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भोपाल में खुलेगा वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान :- उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा

वित्तीय शासन प्रणाली होगी सुदृढ़, बढ़ेगी प्रशासनिक दक्षता

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भोपाल में वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (फाइनेंस ट्रेंनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) खोले जाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। आज मंत्रि-परिषद की बैठक में एफटीआरआई की स्थापना के संबंध में अपनी स्वीकृति भी प्रदान कर दी है।

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की स्थापना की स्वीकृति लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्रि-परिषद का आभार माना है। उप मुख्यमंत्री श्री देवडा ने कहा कि इसका उद्देश्य राज्य की वित्तीय शासन प्रणाली एवं प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करना है। वर्तमान में प्रदेश में 7 संभागीय लेखा प्रशिक्षण शालाएँ संचालित हैं। इनमें प्रशिक्षण का मानकीकरण, आधुनिक डिजिटल दक्षता तथा शोध एवं नवाचार के पर्याप्त समावेश का अभाव है। इनके कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक एकीकृत, आधुनिक एवं उच्च गुणवत्ता वाली संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता है।

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने बताया कि संस्थान को प्रशिक्षण, शोध, नीति समर्थन एवं नवाचार के राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्टता केन्द्र सेन्टर फॉर एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जायेगा। इसके लिये राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंध संस्थान (NIFM), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नाबार्ड (NABARD) आदि प्रतिष्ठित संस्थानों से समन्वय किया जाएगा। विषय-विशेषज्ञों को अतिथि व्याख्यान हेतु आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी संस्‍थान के लिए कुल 13 नियमित पदों की संरचना प्रस्तावित की गई है। आवश्यकतानुसार पदों की पूर्ति स्थानांतरण एवं प्रतिनियुक्ति के माध्यम से की जाएगी। प्रस्‍ताव से तीन वर्षों में लगभग रुपये 26 करोड़ का व्‍यय अनुमानित है।

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि संस्थान के संचालन के लिए आरसीवीपी नरोन्हा अकादमी की उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण कक्ष एवं डिजिटल संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। संस्थान की स्थापना से वित्तीय प्रबंधन, लेखा प्रणाली, डिजिटल वित्तीय प्रशासन तथा नीति निर्माण की क्षमता में व्यापक सुधार होगा, जिससे प्रदेश में सुशासन और वित्तीय अनुशासन को नई मजबूती मिलेगी।

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