मंदसौर। मध्यप्रदेश जिला मंदसौर में शासन तंत्र से न्याय की गुहार लगाने के लिए एक दम्पति मंदसौर के गांधी चौराहा पर विरोध स्वरूप धरना पर बैठे रहे और उनकी गैर मौजुदगी मे पटवारी ने उनका आशियाना जमीजोद करवा दिया। मामला मंदसौर अनुभाग तहसील दलौदा के गांव आकोदड़ा मे राजस्व विभाग द्वारा भुअधिकार योजना के ड्रोम सर्वे मे बरसो से रहने वाले परिवार के मकान का पट्टा दुसरे के नाम जारी होने से दुसरे पक्ष के कन्हैयालाल ने तहसीलदार के आदेश से गोपाल के आवासीय घर तोड़कर खाली प्लॉट करवा दिया, जिसके चलते आज गरीब बेघर हो गया। प्राप्त जानकनारी के अनुसार गोपाल पिता भंवलाल मोगिया निवासी आकोदड़ा के मकान का पट्टा उसके भाई कन्हैयालाल पिता पप्ुपलाल के नाम ड्रोम सर्वे मे दर्ज होकर मामला तहसील मे चला जंहा से तहसीलदार ने अनावेदक मुकेश, गोपाल का कब्जा हटाने का आदेश जारी किया और चार सदस्यो का दल गठित किया जिसके प्रभारी हल्का पटवारी दशरथ धाकड़ को बनाया गया। यहां मजेदार बात यह है कि जिस मकान मे गोपाल रह रहा था, वह न्याय की गुहार लगाने प्रातः11 बजे से मंदसौर के गांधी चौराहा पर धरने पर गोपाल अपनी पत्नी के साथ धरने पर बैठा था और कृतव्यनिष्ठ पटवारी ने मकान मालीक की गैर मौजुदगी मे उसका घर तोड़कर जमीजोद कर दिया और अवैध अतिक्रमण हटाना बता दिया। सुत्रों की माने तो गरीब गोपाल के घर मे रखे बरतन, खाद्य सामग्री और कपड़े वगैरह सब घर का सामान तहस नहस होना बताया जा रहा है। गोपाल ने बताया पैसे के दम पर मेरा मकान तोड़ा गया है, मैं 15 वर्षो से इस घर मे निवासरत था, मेरी पत्नी सुनिता के नाम पर बिजली कनेक्शन घरेलु मीटर लगा हुआ है। इस प्रकरण से संबधित जानकारी के लिए तहसीलदार वंदना हरीत से चर्चा करना चाहा पर उन्हौने ज्यादा कुछ नही कहते हुए बस इतना कहा की मै जानकारी लेकर बता पाउंगा।
