मंदसौर जिला मे बिजली कटौती के खिलाफ किसानों को आक्रोश, किसानों का चार जगहों पर प्रदर्शन, कहीं पर जाम तो कहीं पर धरना.! पुलिस ने संभाला मोर्चा
मंदसौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए है कि बिजली कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी किसानों को बिजली देने में कंजूसी एवं लापरवाही न बरतें, लेकिन मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में मुख्यमंत्री के आदेश की सरेआम धज्जियां उडाई जा रही है। इस स्थिति को लेकर गांव गांव में असंतोष उत्पन्न हो रहा है। किसान आंदोलन पर उतारू हो रहे है।
शनिवार को मंदसौर जिले में चार जगहों पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया, कहीं पर चक्काजाम किया तो कहीं पर ग्रीड का घेराव हूआ। पुलिस ने समझाईश देकर मामला शांत किया, अगर ऐसी स्थिति रही तो बिजली के लिए बडा आंदोलन हो सकता है। सीतामउ का तितरोद ग्रीड- शनिवार को 10 घंटे वादे के अनुरूप बिजली नहीं देने पर किसानों ने सुबह बिजली ग्रिड पर धावा बोला। सीतामउ टीआई कमलेश प्रजापति ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। करीब चार घंटे तक किसानों ने ग्रीड पर प्रदर्शन किया। बिजली कंपनी के कार्यपालन यंत्री के हस्तक्षेप के बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त किया।
सुवासरा विधानसभा क्षेत्र- रघुनाथपुरा फंटाकृ शनिवार को दूसरा आंदोलन सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के रघुनाथपुरा फंटा पर हुआ। ग्रामीणों ने चक्काचाम कर विरोध जताया। इससे घंटो तक आवागमन प्रभावित रहा। शामगढ़- ग्राम धामनिया दीवान के ग्रामीण श्री कृष्ण तलाई के पास विद्युत ग्रिड के कार्यालय पर कई किसानों ने पहुंचकर घेराव किया। पुलिस मौके पर पहुंची और समझाईश दी। शामगढकृ सुवासरा रोड जाम-शामगढ क्षेत्र में बिजली के समय परिवर्तन को लेकर शनिवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पडा। शामगढकृसुवासरा मार्ग पर चक्काजाम किया।