ब्रेकिंग
Accident-अज्ञात स्कॉर्पियो की टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइक सवार उछलकर दूर जा गिरे लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त जारी, महिलाओं के खातों में पहुंचे रू.1500-1500 कि राशि भोपाल में धर्मेंद्र प्रधान ने दिया विजन 2047 का मंत्र, खेल और शिक्षा को साथ लेकर आगे बढ़ेगा भारत, मु... मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर कांग्रेस का विरोध, प्रेस वार्ता मे लोकतांत्रिक संस्थाओं की... दो साल से फरार ब्राउन शुगर तस्कर इमरान साकरिया गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई सट्टा खाईवाली पर पुलिस की कार्रवाई, मुल्तानपुरा से एक आरोपी गिरफ्तार महिलाओं और गौवंश की सुरक्षा से समझौता नहीं, अपराधियों की संपत्ति होगी कुर्क- सीएम मोहन यादव महिलाओं और गौवंश की सुरक्षा से समझौता नहीं, अपराधियों की संपत्ति होगी कुर्करू सीएम मोहन यादव राज्यसभा नामांकन विवादः सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, कांग्रेस का चुनाव आयोग और भाजपा पर हमला, दिल्ली ... भाजपा के तीनों राज्यसभा सांसदों ने मिला निर्वाचन प्रमाण-पत्र, विधानसभा परिसर के बाहर भाजपा का जश्न क...

मध्य प्रदेश में निजी विद्यालयों केमध्य प्रदेश में निजी विद्यालयों के फीस में अनियमित वृद्धि रोकने के विरूद्ध प्राप्त होने वाली शिकायतों के निराकरण के लिये कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला समिति कार्यवाही करेगी विरूद्ध प्राप्त होने वाली शिकायतों के निराकरण के लिये कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला समिति भी कार्य कर रही है।

इन नियमों में वर्णित प्रावधानों के तहत निजी विद्यालयों में उपयोग की जाने वाली स्टेशनरी, पठन सामग्री, बैग, यूनिफॉर्म, स्पार्ट्स किट, ट्रासपोर्ट सुविधा और फीस से संग्रहित की जाने वाली राशि का विवरण विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर तथा अधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित करने के निेर्देश भी है। इसी के साथ निजी विद्यालय प्रबंधन द्वारा कक्षा वार एवं मद वार आगामी सत्र की प्रस्तावित फीस संरचना को स्कूल शिक्षा विभाग के फीस विनियमन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। राज्य में इस वर्ष करीब 10 हजार 200 निजी विद्यालयों द्वारा पोर्टल पर फीस का विवरण अपलोड किया जा चुका है। प्रदेश में जिन विद्यालयों की किसी भी कक्षा की वार्षिक फीस संरचना 25 हजार रूपये या उससे कम है, उन्हें फीस संरचना की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने से मुक्त रखा गया है। इन विद्यालयों को इस संबंध में पोर्टल पर शपथ पत्र अपलोड करने की निर्धारित तिथि भी दी गई थी। ऐसे विद्यालय जो समय-सीमा की जानकारी अपलोड नहीं करेंगे उनके विरूद्ध जिला समिति द्वारा कानूनी कार्यवाही की जाएगी। प्रदेश में निजी विद्यालयों के विरूद्ध प्राप्त होने वाली शिकायतों के निराकरण के लिये कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला समिति भी कार्य कर रही है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.